फतेहाबाद। गांव तामसपुरा निवासी किसान जगदीश से साइबर ठग ने भांजा बनकर 33.79 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को विदेश में रहने वाला भांजा कार्तिक बताया और एजेंट की पत्नी के इलाज सहित अन्य खर्चों के नाम पर रकम मांगी। ठगी 27 जुलाई से 7 अगस्त के बीच की गई।
पुलिस को दी शिकायत में जगदीश ने बताया कि 26 जुलाई को उसके पास व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनका भांजा कार्तिक बताते हुए कहा कि उसके एजेंट की पत्नी बीमार है और इलाज के लिए रुपयों की जरूरत है। आरोपी ने जगदीश के खाते में 14.15 लाख रुपये भेजने का झांसा दिया और इसके बदले एजेंट के खाते में 8 लाख रुपये भेजने को कहा।
आरोपी के झांसे में आकर जगदीश ने रिश्तेदारों के मोबाइल से गूगल पे और फोन पे के माध्यम से 1.90 लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद आरटीजीएस के माध्यम से कई बार में 28 लाख रुपये से अधिक की राशि अलग-अलग खातों में भेजी गई। इस तरह ठग ने किसान से कुल 33.79 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस करती है जागरूक फिर भी लोग हो रहे ठगी का शिकार
साइबर ठगी रोकने के लिए जिला पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है फिर भी आए दिन लोग शिकार हो रहे हैं। साइबर ठग रिश्तेदार, परिचित या बैंक अधिकारी बनकर फोन और संदेश भेजकर लोगों को झांसे में लेते हैं। लालच या डर पैदा कर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं। पुलिस लोगों से अनजान कॉल और लिंक से सतर्क रहने की अपील करती है। लगातार जागरूकता अभियानों के बाद भी लोग साइबर ठगों का निशाना बन रहे हैं।
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इधर...पड़ोसी बनकर कॉस्मेटिक विक्रेता से 2.61 लाख रुपये ठगे
फतेहाबाद। चार मरला कॉलोनी निवासी कॉस्मेटिक दुकानदार सुनील कुमार साइबर ठगी का शिकार हो गए। आरोपी ने उनके पड़ोसी पीनू गोदारा के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उनसे 2.61 लाख रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सुनील की शिकायत पर 10 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीडि़त सुनील के अनुसार 2 अगस्त को उसकी फेसबुक आईडी पर पर पीनू गोदारा के नाम से संदेश मिला। आरोपी ने खुद को जर्मनी में फंसा बताया और वीजा नवीनीकरण के लिए तत्काल 2.60 लाख रुपये की जरूरत बताई। आरोपी ने पहले सुनील से 10.40 लाख रुपये भेजने की बात कही। इससे सुनील आरोपी के झांसे में आ गए और अपने बैंक खाते के साथ दोस्तों तथा बहन के खातों से कई बार में कुल 2.61 लाख रुपये बताए गए खातों में भेज दिए। रकम भेजने के बाद सुनील ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में सुनील को पता चला कि जिस फेसबुक आईडी से संदेश भेजे गए थे वह उनके पड़ोसी की असली आईडी ही नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।