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अव्यवस्थाओं के बीच बच्चों ने सुना पीएम का भाषण

Sat, 06 Sep 2014 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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शिक्षक दिवस पर सरकारी स्कूलों में अव्यवस्थाओं के बीच छात्र-छात्राओं ने पीएम का भाषण सुना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साइकिल स्टैंड के शेड के नीचे एलसीडी लगाई गई थी, जहां बैठने की उचित व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


राजकीय प्राथमिक पाठशाला भट्ठा कालोनी में एक छोटे से कमरे में एजुसेट की व्यवस्था की गई थी। कमरा छोटा होने के कारण आधे विद्यार्थी अंदर तो आधे बाहर बैठे थे। जो सिर्फ प्रधानमंत्री की आवाज ही सुन पा रहे थे। वहीं, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो एलसीडी की व्यवस्था की गई थी।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण को लेकर अध्यापकों तथा विद्यार्थियों में काफी उत्सुकता देखी गई। एजुसेट पर चल रहे लाइव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछे गए सवाल ‘यदि आप अध्यापक होते तो आप को किस तरह के विद्यार्थी पसंद करते’ में पीएम ने कहा कि अध्यापक का कर्तव्य होता है कि वह एक कक्षा में पढ़ने वाले 30 विद्यार्थियों को एक समान समझे। यही उसका कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि यदि मै एक शिक्षक होता तो सभी को एक समान समझता और प्यार करता और समान शिक्षा देता। अपने काम के समय पर मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है।

उन्होंने अधिकारियों को भी कह रखा है कि वह 11 घंटे काम करेंगे तो मै 12 घंटे,14 घंटे काम करेंगे तो 15 घंटे काम करने के लिए तैयार हूं। ‘इस तरह के कार्यक्रम  से बच्चों को क्या लाभ होगा’ के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी काम स्वार्थ के लिए नहीं करता हूं और स्वार्थ के लिए किया गया काम नहीं होता है।

 देश तो हमारे चेहरे देखकर थक चुका है हम आप लोगों के चेहरे देखने आए हैं। लगभग एक घंटे तक चले सवाल-जवाबों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कुछ करने के लिए सपने देखना जरूरी होता है तभी आगे बढ़ा जा सकता है। इसके लिए जरूरत है तो हिम्मत की। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर बोलते हुए कहा कि देश को गर्ल्स शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है। सभी स्कूलों में कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रगान का आयोजन हुआ।
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स्कूलों में बंटा स्वादिष्ट व्यंजन
सरकारी स्कूलों में शिक्षक दिवस को त्यौहार की तरह मनाया गया। स्कूलों में शुक्रवार को मिड डे मिल योजना के तहत खीर, छोले तथा पूड़ी परोसा गया।

सीएम ने नहीं किया सम्बोधन
स्कूलों में पीएम के भाषण से पहले सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का भी सम्बोधन का कार्यक्रम था। जिसको लेकर बच्चे स्कूलों में 11 बजे पहुंच गए और सीएम के भाषण का इंतजार करने लगे। लेकिन सीएम साहब ने भाषण नहीं दिया और बच्चों ने दोपहर का खाना खाने के बाद प्रधानमंत्री का भाषण सुना।
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