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Fatehabad News: नर्सिंग स्टाफ के भरोसे आरोग्य मंदिर

Sat, 03 Jan 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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शहर के स्वामी नगर इलाके में बिना डॉक्टर बैठी  नर्सिंग ऑफिसर। संवाद - फोटो : सांकेतिक
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फतेहाबाद। शहर में स्थापित चार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जो आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनवाए गए थे, अब उन्हें ही इलाज की दरकार में हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य था कि नागरिक अस्पताल में जाने से पहले लोग छोटे-मोटे उपचार और दवाइयां आसानी से प्राप्त कर सकें, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है।
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स्वामी नगर, ठाकर बस्ती, नहर कॉलोनी और अशोक नगर में बनाए गए इन आरोग्य मंदिरों में से कई में चिकित्सक नियुक्त नहीं किए गए हैं। कुछ केंद्रों में केवल नर्सिंग ऑफिसर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जो दवाइयां तो दे रहे हैं, लेकिन चिकित्सक की कमी के कारण इलाज में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके अलावा, इन केंद्रों पर दवाइयों की भी भारी कमी भी है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य छोटे-मोटे इलाज की सुविधा देना था, ताकि मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल की लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े। लेकिन चिकित्सक और दवाइयों की कमी के कारण लोग फिर भी इलाज के लिए नागरिक अस्पताल जाने को मजबूर हो रहे हैं। इस स्थिति ने आम जनता में स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से काफी असंतोष है। जिस उद्देश्य से ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए थे, उस तरह से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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चार में से तीन केंद्रों में नहीं मिले चिकित्सक

शनिवार को की गई पड़ताल के दौरान शहर के ठाकर बस्ती, नहर कॉलोनी और स्वामी नगर में बने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में डॉक्टरों के बैठने का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होता है। संवाददाता सबसे पहले नहर कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पहुंचे तो वहां पर एएनएम और नर्सिंग ऑफिसर तैनात मिले। वे अपना कार्य कर रहे थे। जब डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद स्वामी नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पहुंचे, वहां केवल नर्सिंग ऑफिसर ही मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि शनिवार को यहां किसी भी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं होती। सोमवार और मंगलवार को एक डॉक्टर आते हैं, जबकि शुक्रवार को एक दिन के लिए महिला रोग विशेषज्ञ आती हैं। इसके बाद अशोक नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पहुंचे, जहां डॉ. हनुमान मरीजों को दवाइयां दे रहे थे। वहीं, दोपहर एक बजे के करीब ठाकर बस्ती के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नर्सिंग ऑफिसर और एक हेल्पर मौजूद मिलीं। डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वे पांच मिनट पहले ही जा चुके हैं।

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किसी भी सेंटर में पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं

स्वामी नगर, ठाकर बस्ती, नहर कॉलोनी और अशोक नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि केंद्रों पर काफी समय से पूरी दवाइयां नहीं आ रही हैं। इन केंद्रों पर हर प्रकार का टीकाकरण भी किया जाता है, जिसके लिए दिन निर्धारित किए गए हैं। उसी अनुसार बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। टीकाकरण के लिए प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दो एएनएम की ड्यूटी भी लगाई गई है, जो अपने निर्धारित समय के अनुसार केंद्रों पर आती हैं।

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दवाइयों का नया स्टॉक जल्द आने वाला है। जहां-जहां दवाइयां खत्म हैं या कम हैं, वहां पहुंचा दी जाएंगी। वहीं, डॉक्टरों के बैठने के समय को लेकर भी जांच की जाएगी।

— डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन, फतेहाबाद

शहर के स्वामी नगर इलाके में बिना डॉक्टर बैठी  नर्सिंग ऑफिसर। संवाद- फोटो : सांकेतिक

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