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स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर करेगी स्क्रीनिंग, जिले के हर गांव में दो टीमों का गठन

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प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्क्रीनिंग और लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए हरियाणा विलेज जनरल हेल्थ चेकअप योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत गांवों में टीमें गठित कर लोगों के घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी। जिले में इन टीमों का गठन कर दिया गया है।
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उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने स्वास्थ्य व दूसरे विभाग के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक लेते हुए उन्हें निर्देश दिए कि इस योजना के तहत जिले की ग्रामीण आबादी की स्क्रीनिंग जल्द से जल्द की जाए। इस योजना के तहत दो टीमों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर डीडीपीओ को नोडल अधिकारी लगाया गया है।
शिक्षकों से लेकर आशा वर्कर्स तक होंगे टीम में शामिल
डीसी के अनुसार गांव में दो टीमें गठित होंगी। गांव स्तर पर गठित फील्ड टीम प्रत्येक गांव में बनाई जाएगी। इस टीम में आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल का शिक्षक, महिला पंचायत सदस्य या ग्राम सचिव और बीडीपीओ द्वारा नामित सदस्य जैसे मेट, रोजगार सहायक, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य शामिल होंगे। यह टीम गांवों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी और आशा वर्कर निर्धारित प्रोफार्मा में परिवार की पूर्ण स्वास्थ्य डिटेल भरेगी। यह टीम घर के प्रत्येक सदस्य की सामान्य हेल्थ जांच और सदस्यों के स्वास्थ्य हिस्ट्री तथा कोविड-19 से संबंधित लक्षणों का जांच करेगी। परिवार के प्रत्येक सदस्य का रिकॉर्ड आशा वर्कर निर्धारित प्रोफार्मा में भरेगी। अगर इस टीम को किसी व्यक्ति के अस्वस्थ होने का पता चलता है तो फील्ड टीम उस मरीज को गांव स्तर पर ही गठित विलेज हेडर्क्वाटर टीम को रेफर करेगी। फील्ड टीम अपने सर्वे के दौरान नागरिकों को कोविड व्यवहार जैसे मास्क लगाना, दो गज की दूरी, समय-समय पर हाथ धोने बारे भी जागरूक करेगी।
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विलेज हेडक्वार्टर टीम में तीन सदस्य होंगे
डीसी ने बताया कि गांव स्तर पर गठित विलेज हेडर्क्वाटर टीम में तीन सदस्य होंगे। एक सदस्य स्वास्थ्य विभाग से एएनएम, एलएचवी, फार्मासिस्ट, एलटी या सीएचओ होंगे जबकि दूसरा सदस्य सरकारी विभाग का अधिकारी या कर्मचारी होगा, वहीं तीसरा सदस्य डाटा एंट्री ऑपरेटर होगा। विलेज हेडर्क्वाटर टीम गांव में एक केंद्र में बैठेगी, जिसमें स्कूल, पंचायत घर, पीएचसी या ग्राम सचिवालय होंगे। विलेज हेडर्क्वाटर टीम के पास रेफर होने पर गैर स्वास्थ्य कर्मी सदस्य मरीज का वजन, ब्लड प्रेशर, तापमान चेक करेंगे। स्वास्थ्यकर्मी सदस्य मरीज का एंटीजन टेस्ट, ऑक्सीजन लेवल जांचेंगे। मरीज के एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट में निगेटिव पाए जाने पर मरीज को आयुष विभाग व एलोपैथी विभाग द्वारा सुझाई गई रोग प्रतिरोधक दवाइयां दी जाएगी। एंटीजन रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर माइल्ड सिमटम्स वाले मरीजों को होम आइसोलेट करके किट दी जाएगी। जिन मरीजों के घर पर होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं है तो ऐसे मरीजों को गांव में स्थापित कोविड केयर सेंटर में भेजेंगे। गांव में स्थापित कोविड केयर सेंटर की देखभाल पंचायत विभाग करेगा। गांव का चौकीदार, सफाई कर्मचारी इसमें मौजूद रहेंगे तथा दिन में एक बार सीएमओ द्वारा नामित स्वास्थ्यकर्मी सेंटर की विजिट भी करेगा। यदि पॉजिटिव मरीज गंभीर हुआ और उसे ऑक्सीजन की जरूरत हुई तो उसको डीसीएचसी व डीसीएच में रेफर किया जाएगा।
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