फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा वर्करों के ज्ञान और कार्यकुशलता की जांच के लिए रविवार को परीक्षा आयोजित की गई। बीघड़ रोड स्थित निजी स्कूल में हुई परीक्षा में 353 में से 352 आशा वर्करों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा दोपहर ढाई बजे शुरू हुई और शाम चार बजे तक चली। इसमें आशा वर्करों के कार्य से जुड़े सवाल पूछे गए। परीक्षा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग की ओर से आयोजित की गई।
परीक्षा में सफल आशा वर्करों को विभाग पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देगा। इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग की ओर से प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इससे पहले आशा वर्करों की प्रायोगिक परीक्षा भी ली जा चुकी है। दो साल पहले जिले में 831 आशा वर्करों में से 415 की परीक्षा हुई थी। इस बार शेष आशा वर्करों के लिए परीक्षा आयोजित की गई।
-
100 अंकों की परीक्षा
परीक्षा का स्वरूप तीन चरणों में विभाजित किया गया है। इसमें 30 नंबर की लिखित परीक्षा शामिल रही है। इसके अतिरिक्त 30 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन और 40 नंबर का बाह्य मूल्यांकन (एक्सटर्नल असेसमेंट) किया जा चुका है।
दसवीं पास को किया गया शामिल
विभाग की तरफ से परीक्षा के लिए उन आशा वर्करों के आवेदन करवाए गए जो कि दसवीं कक्षा पास हैं। दो साल पहले हुई परीक्षा में जिले की 831 आशा वर्कर में से 415 ने हिस्सा लिया था।
-
रविवार को आशा वर्कर की परीक्षा ली गई है। ये परीक्षा नेशनल ओपन ऑफ स्कूल की तरफ से ली गई है। परीक्षा में शामिल हुई आशा वर्कर के उत्तीर्ण होने पर उन्हें प्रमाणपत्र जारी होगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग भी इन्हें प्रोत्साहित करेगा।
- नरेंद्र खरब, जिला संयोजक, स्वास्थ्य विभाग