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बोले, ऐसीस्थिति रही तो हमें पारिस्तान जाना पड़ेगा

Sun, 22 Nov 2015 12:40 AM IST
फतेहाबाद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 भाजपा सरकार के बहुचर्चित सांसद राजकुमार सैनी शनिवार को एक बार फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए। बिना जाटों का नाम लिए उन्होंने हमला बोला।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले कई सालों तक राज करने वाले लोग आरक्षण की मांग कर हमारे हकों पर डाका डालना चाहते हैं जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ऐसे ही होता रहा तो हमें पाकिस्तान चले जाना होगा।
ये बात कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने पिछड़ा वर्ग जागृति मंच द्वारा आयोजित समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही।

वो मंच द्वारा 28 नवंबर को दिल्ली में होने वाले एकता सम्मेलन के लिए न्यौता देने के लिए आए हुए थे। संबोधन के दौरान उन्होंने केंद्र व प्रदेश में अपने काम न होने का भी दुखड़ा रोया।
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 पिछड़ा वर्ग के लोगों द्वारा पहनाई गई पगड़ी के बारे में कहते हुए सांसद ने कहा कि आपने जो सम्मान दिया है उसे कभी कम नहीं होने दूंगा। ये गर्दन कट तो जाएगी लेकिन झुकेगी नहीं।
अपने काम न होने का टीस ब्यां कर गए सांसद:
 दोनों की तारीफ करने के साथ सांसद ने अपने काम न होने की टीस भी ब्यां करते हुए कहा कि हम एमपी और एमएलए तो टेंट में लगने वाले पोल की तरह हैं जिनके सहारे सरकार टिकी होती है।

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों द्वारा जो काम कराने के लिए कागजात दिए जाते हैं उनको आगे भेजने पर कार्यालयों में बैठे एक ही बिरादरी के अधिकांश अधिकारी उनको महत्व नहीं देते और अपनी बिरादरी के लोगों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
आरटीआई से जाटों की खोली पोल:
संबोधन के दौरान सैनी जाटों की पोल खोलने को लेकर चुप नहीं रहे और कोट की जेब में से कागज निकालकर  आरटीआई से हुए खुलासे को बताते हुए कहा कि खानपुर के भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में 41 में से 33, गवर्नमेंट कॉलेज रोहतक 69 में से 45, गवर्नमेंट कॉलेज जींद 49 में से 30, गवर्नमेंट कॉलेज बरवाला 8 में से 6, चिंरजीलाल शर्मा कॉलेज करनाल 18 में से 16, भोडिया खेड़ा फतेहाबाद 11 में से 10, नलवा हिसार 8 में से 8 लाखन  माजरा 20 में से 16, महिला महाविद्यालय रोहतक 72 में से 43, मोखरा रोहतक 9 में से 9, बहादुरगढ़ 30 में से 15, मुरथल 19 में से 10, जसिया रोहतक 12 में से 9, छारा झज्जर 6 में से 4, मुंडलाना सोनीपत 59 में से 41 पदों पर जाट बिरादरी के लेक्चरार कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा कि दस वर्षोँ में सत्ता में रही कांग्रेस के मुख्यमंत्री द्वारा एक ही बिरादरी के लोगों को कॉलेज और स्कूलों में अधिकांश नियुक्तियां दी गई।

उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि अगर हमें अपने हकों को पाना है तो उसके लिए संगठित होना पडे़गा।

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से पांडवों ने अपना हक पाने के लिए महाभारत का युद्ध लड़ा था। उसी धरती कुरुक्षेत्र से जीतकर आप लोगों के बीच में आया हूं और आपको हकों के पाने के लिए जागृत कर रहा हूं।

इसलिए अधिक से अधिक संख्या में 28 नवंबर को दिल्ली में होने वोल एकता सम्मेलन में पहुंचें। सम्मेलन के माध्यम से सरकार को भी चेताय जाएगा कि अगर हमारी आवाज नहीं सुनी गई तो हम भी पीछे हटने वाले नहीं है।
राम मनोहर लोहिया से की अपनी तुलना:
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद राजकुमार सैनी से पूछे गए सवाल कि जाट नेता कह रहे हैं कि आगे से संसद में सैनी को जाने नहीं देंगे के जवाब में सैनी ने कहा कि राममनोहर लोहिया, भीमराव अंबेडकर, अर्जुनसिंह व वीपी सिंह के साथ भी इन लोगों ने इस तरह ही किया लेकिन वो अपने इरादों से नहीं डिगे।

मैं भी समाज के हकों की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटूंगा। अगर माग पूरी नहीं हुई तो सैनी का अगला कदम क्या होगा के जवाब पर सांसद ने कहा कि 2019 तक तो सरकार के साथ चलेंगे उसके बाद देखेंगे कि आगे क्या करना है।
मुख्यमंत्री बनने के सपने को कुदरत पर छोड़ा:
सैनी से जब पत्रकार वार्ता में पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं तो इस पर सैनी ने कहा कि सपने संजोए जरूर जाते हैं लेकिन बनाता कुदरता है। सैनी ने कहा कि 2019 तक तो सरकार के साथ हैं अगर उसके बाद जो जिम्मेदारी देगा उसी का साथ देगा।

जब उनसे पूछा गया कि किस तरह का साथ वह मांग रहे हैं तो उन्होंने कहा कि सता में पिछड़ा वर्ग को किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उन्हें भी कोई मंत्री पद मिलना चाहिए।
खाली कुर्सियों की तरफ सैनी करते रहे इशारा:
पंचायत भवन में आयोजित पिछड़ा वर्ग जागृति मंच के सम्मेलन में मुख्य अतिथि राजकुमार सैनी पौने 12 बजे मंच पर पहुंच गए। उस समय प्रांगण में ज्यातर कुर्सियां खाली पड़ी थी।
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जिसको लेकर सैनी मंच पर मौजूद लोगों को इशारों में कुर्सियां भरने के लिए कहते रहे। मंच पर भाषण देने वाले दो-तीन सदस्यों ने भीड़ कम होने का जिक्र भी किया।

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