फतेहाबाद। अग्रवाल सभा के दो वर्ष पूर्व हुए चुनाव मामले में अग्रवाल सभा के अनिल गर्ग व भारत भूषण गर्ग पक्ष द्वारा उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त के विरुद्ध दायर की गई कोर्ट की अवमानना की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को तथ्यहीन बताया है हालांकि हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को चुनावी याचिका दायर करने की छूट दी है। इस याचिका के खारिज होने के बाद पूर्व प्रधान देवी दयाल तायल पक्ष के दावे को और मजबूती मिली है।
उल्लेखनीय है कि अग्रवाल सभा में मेंबरशिप को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। देवी दयाल तायल ग्रुप ने 109 नए सदस्य बनाए थे और अनिल गर्ग पक्ष ने 442 सदस्य बनाए थे। तत्कालीन प्रधान देवी दयाल तायल ग्रुप ने अनिल गर्ग ग्रुप द्वारा बनाए गए सदस्यों के तरीके पर ऐतराज किया था और इन सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जिस व्यक्ति के पैसे जमा हुए हैं उन्हें सदस्यता दी जाए। उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त ने कोर्ट के फैसले पर राय लेकर फैसला दिया कि अनिल गर्ग ग्रुप द्वारा बनाए गए सदस्य वैध नहीं हैं। इस पर अनिल गर्ग के बेटे गौरव गर्ग, भारत भूषण गर्ग के बेटे उमंग गर्ग व राम निवास के बेटे प्रवीन ने तत्कालीन उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त के विरुद्ध कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उपायुक्त व एडीसी ने हाईकोर्ट के फैसले की अवमानना की और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी 442 सदस्यों को वोट का अधिकार नहीं दिया। हाईकोर्ट ने याचिका यह कह कर डिस्पोज ऑफ कर दी कि यह इनफ्रेक्टूएस है। ज्ञात रहे कि अग्रवाल सभा का मामला काफी लंबा चला था और नौ साल तक अदालती कार्रवाई होने के कारण अग्रवाल सभा केे स्कूल व धर्मशाला का प्रशासक एडीसी को बनाया गया था। दो साल पहले ही यह चुनाव हुए हैं और सुभाष गर्ग अग्रवाल सभा के अध्यक्ष बने हैं।