फतेहाबाद-भट्टू रोड पर धुंध में लाइट जलाकर गुजरते हुए कार चालक।
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फतेहाबाद। जिले में दो दिन में तीन डिग्री तक अधिकतम तापमान बढ़ने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल रही है। बुधवार को तीन घंटे से भी अधिक समय तक धूप निकलने के बावजूद लोग ठिठरते रहे। दो सप्ताह से लगातार गहरी धुंध सुबह और शाम के समय छाई रहती है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री था जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तानमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। शाम होते ही धुंध छाने का सबसे अधिक असर वाहन चालकों को झेलना पड़ रहा है। रोडवेज की बसें सुबह व शाम के समय निर्धारित समय से आधे घंटे से लेकर सवा घंटे तक देरी से पहुंच रही है। नई दिल्ली जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन जाखल रेलवे स्टेशन पर 49 मिनट देरी से पहुंची जबकि बीकानेर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन 35 मिनट देरी से आई।
दोपहर 12 बजे दिखे सूर्य देव
बुधवार को दोपहर 12 बजे बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए और मौसम एकबारगी साफ हो गया। इससे घरों में गर्म कपड़ों में दुबके बच्चों व बुजुर्गों ने थोड़ी राहत महसूस की। गलियों व पार्कों में पहुंचकर बच्चों ने मस्ती की। मगर करीब तीन घंटे फिर से बादलवाही छा गई। शाम होने के साथ ही मौसम में कोहरा छा गया। बुधवार को धूप खिलने से वायु गुणवत्ता में भी कुछ सुधार हुआ। मंगलवार को जहां एक्यूआई 203 था, वहीं बुधवार को 144 दर्ज किया गया।
गेहूं के लिए इसी महीने बारिश जरूरी
कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि हर वर्ष दिसंबर के अंतिम और जनवरी के पहले सप्ताह में बारिश हो जाती है। मगर पिछले दो वर्ष से ऐसा नहीं हो रहा है। गेहूं की फसल के लिए जनवरी में बारिश जरूरी है। अगर बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर असर पड़ता है। चन्ने की फसल के लिए भी बारिश चाहिए।