हरियाणा के फतेहाबाद के भूना में धान की सरकारी खरीद न होने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को अनाज मंडी गेट के सामने उकलाना-भूना रोड पर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को सड़क के बीचोंबीच खड़ा करके जाम लगा दिया। हैफेड के जिला प्रबंधक व मार्केट कमेटी के अधिकारियों और थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों को शांत किया और धान खरीद का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड रामस्वरूप ढाणी गोपाल के नेतृत्व में किसानों ने मुख्य चौक पर रोड जाम कर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान सभा के करीब पौने घंटे तक जाम लगाने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। रामस्वरूप ने कहा कि अनाजमंडी में धान की आवक जोरों पर है।
मगर खरीद एजेंसियों और राइस शेलरों के बीच आपसी समझौता न होने के कारण परमल धान की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है। इस कारण मंडियों में धान लेकर आए किसान काफी परेशान हैं। अधिकारियों से धान खरीद करने को लेकर किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल मिला था। मगर इसके बावजूद धान की खरीद नहीं हुई।
सोमवार को धान लेकर भूना पहुंचे किसानों की खरीद नहीं हुई तो उकलाना-भूना रोड पर आकर बैठ गए। रामस्वरूप ने बताया कि राइस मिलर्स व सरकार के बीच समझौता न होने की वजह से आढ़ती और किसान असमंजस की स्थिति झेल रहे हैं।
सरकारी खरीद एजेंसी आढ़ती को एक क्विंटल धान के बदले में 67 किलो चावल लेने की बात कहकर खरीद करने का हवाला दे रही हैं। मगर आढ़ती इस पर तैयार नहीं है क्योंकि चावल में अभी नमी है और सूखने के बाद आढ़ती वजन घटने की भरपाई करने के पक्ष में नहीं है। इसलिए धान की खरीद को लेकर पेंच फंसा हुआ है। हालांकि, हैफेड खरीद एजेंसी के अधिकारी धान में नमी अधिक होने के कारण खरीद नहीं होने का हवाला दे रहे हैं।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर आगे भी सुचारू खरीद नहीं की गई तो वे दोबारा रोड जाम कर देंगे। इस मौके पर किसान सभा के तहसील प्रधान मुंशीराम, सचिव सोमनाथ, कृष्ण पूनिया, सुभाषचंद्र, प्रेम कंबोज, सुरजीत नहला, कमल सिंह बराड़, राजेंद्र सिंह, अनिल कुमार, राधेश्याम सहित कई किसान मौजूद थे।
खरीद के लिए आ रही धान में नमी की मात्रा 24 से 20 प्रतिशत के बीच आ रही है जबकि धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत होनी चाहिए। किसानों के प्रदर्शन के बाद धान की ढेरियों की नमी चेक की गई और जो सही पाई गई, उसकी खरीद की गई है।
-ईश्वर सिंह ढाका, सचिव, मार्केट कमेटी भूना