फतेहाबाद। आढ़तियों ने पुरानी अनाज में स्थित में हनुमान मंदिर में बैठक करके एजेंसियों से 48 घंटे में उठान करने का आश्वासन मिलने के बाद को खरीद शुरू की। सोमवार को हैफेड के द्वारा धान की खरीद की गई। इस दौरान अनाज मंडी के व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू ने बताया कि खरीद एजेंसियां अगर 48 घंटों में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं करती है तो आढ़ती फिर से खरीद बंद कर देंगे।
ऐसे में पिछले कई दिनों से धान की सरकारी का इंतजार कर रहे किसानों को फसल की खरीद होने की उम्मीद बनी है।फतेहाबाद की अनाज मंडी में पिछले कई दिनों से परमल धान की बिक्री के इंतजार में बैठे किसान रामकुमार, कृष्ण, साहिल, राजाराम, हरनाम सिंह, रामकरण और बनवारी लाल आदि ने बताया कि सरकार ने धान की खरीद करने के लिए 27 सितंबर से निर्देश जारी कर दिए थे, मगर धान की सरकारी खरीद चार अक्तूबर से शुरू हुई। लेकिन यह खरीद भी केवल तीन या चार ढ़ेरियों के बाद फिर बंद कर दी गई। ऐसे में धान की सरकारी खरीद से किसानों को फायदा नहीं मिल सका है।
खरीद शुरू होने से पहले ही धान से अट गई मंडी
जिले में धान की सरकारी खरीद सोमवार से हुई है। लेकिन अनाज मंडियां पूरी तरह से धान की फसल से अट चुकी है। अब धान की फसल लेकर मंडी में पहुंचने वाले किसानों को मंडी में फसल रखने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मंडी में जगह नहीं होने के चलते किसान मंडी की सड़कों पर धान की फसल रखकर खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं।
किसान बोले खरीद के इंतजार में झड़ रही धान की फसल
किसानों का कहना है कि धान की सरकारी खरीद में देरी होने के कारण पककर तैयार हो चुकी फसल अब झड़ने लगी है। जिससे प्रति एकड़ दो क्विंटल का नुकसान हो रहा है। फसल की मढ़ाई करके मंडी में लेकर जाएंगे तो खरीद नहीं होगी। वहीं खेत में खड़ी फसल झड़ जाएगी। ऐसे में किसानों को नुकसान होगा।
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जिले में वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और हैफेड के द्वारा खरीद शुरू की गई है। दोनों एजेंसियां तीन-तीन दिन धान की खरीद करेगी। ऐसे में जिन धान की ढ़ेरियों में 17 प्रतिशत तक नमी होगी उस फसल की खरीद होगी।
विनीत जैन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद