फतेहाबाद। जिले में शनिवार शाम को हुई हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा वहीं मंडियों में खुले में रखा धान भी भीग गया।
नुकसान से परेशान किसानों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। जिले में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि का असर कुलां और जाखल क्षेत्र के कई गांवों में देखने को मिला। किसान आत्माराम ने बताया कि ओलों का जमाव करीब 12 घंटे तक बना रहा। इससे धान की बालियों से दाने झड़कर जमीन पर गिर गए।
बारिश के कारण मंडियों में बिक्री के लिए लाया गया धान भीग गया। इससे फसल में नमी बढ़ने की समस्या पैदा हो गई है। नमी अधिक होने के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ खरीद प्रक्रिया में भी दिक्कतें आ रही हैं।
किसानों ने आशंका जताई है कि अधिक नमी के चलते उनकी फसल की खरीद में देरी हो सकती है। मंडियों में खुले में रखे धान को सुरक्षित रखने और बारिश से हुए नुकसान को कम करने के लिए उचित व्यवस्था की मांग की है।
सरपंच अरविंद सिहाग, पूर्व सरपंच आत्मा राम, संदीप कुमार, रमेश कुमार व राज कुमार का कहना है कि फसल तैयार होने के समय मौसम की मार पड़ने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।
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कई गांवों में ओलावृष्टि, मुआवजे की मांग
क्षेत्र के गांव रत्ताखेड़ा, नीमड़ी, दादूपुर, जल्लोपुर, हड़ौली और भरपूर सहित रतिया क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। किसानों के अनुसार ओलों का जमाव करीब 12 घंटे तक रहने से फसलों को नुकसान पहुंचा। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में फसलों का सर्वे करवा नुकसान का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
गांव रत्ताखेड़ा में बारिश से बिछी धान की पक्की पकाई फसल। स्रोत किसान
गांव रत्ताखेड़ा में बारिश से बिछी धान की पक्की पकाई फसल। स्रोत किसान