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गर्मी की छुट्टियां बिता स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों के हाथों में गुरुजी ने थमा दी झाडू़

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फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में सफाई करते विद्यार्थी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद एक जुलाई को स्कूल नए समय पर एक बार फिर से खुल गए। 30 दिन बाद विद्यार्थी स्कूल पहुंचे तो शिक्षकों ने उनके हाथों में झाड़ू थमा दी। प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों ने पहले पूरे स्कूल की सफाई की। दो से तीन घंटे तक विद्यार्थी झाड़ू लेकर स्कूल की सफाई में जुटे रहे। इसके बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हुई। जिले के 384 प्राइमरी स्कूलों में से 290 में सफाई कर्मचारी ही नहीं हैं।
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विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने पर पहले भी रोजाना सफाई करनी पड़ती है इसके बाद कक्षाएं शुरू होती है। प्राइमरी स्कूलों में पहले पार्ट टाइम सफाई कर्मचारी थे जिन्हें रेगुलर कर दिया गया था और हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लगा दिया था। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र रही। शुक्रवार को सरकारी स्कूल खुले और 10 फीसदी ही निजी स्कूल खुले। सरकारी स्कूलों की बात करें तो पहले दिन यहां पर विद्यार्थियों की संख्या 15 फीसदी ही रही। निजी स्कूल सोमवार से खुलेंगे। कई स्कूल संचालकों ने पहले एक जुलाई से खोलने थे लेकिन विद्यार्थियों को मैसेज भेजकर अब सोमवार से खोले जाने की सूचना दी है।
दो साल बाद स्कूलों में ही बना मिड-डे मील
कोरोना महामारी के चलते बंद किया गया मिड-डे मील शुक्रवार से स्कूलों में पहले की तरह बनना शुरू हो गया। विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक स्कूलों में मिड-डे मील तैयार किया गया। स्कूलों के समय में बदलाव का भी इसको लेकर फायदा हुआ है। स्कूल समय सुबह 8 बजे से दोपहर ढाई बजे तक का होने से मिड-डे मील तैयार करने में आसानी होगी।
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सफाई के लिए आठ हजार देने की घोषणा हुई लेकिन सिरे नहीं चढ़ी योजना, बच्चे कर रहे सफाई
शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि आठ हजार रुपये प्रति सरकारी स्कूल को दिए जाएंगे ताकि इंचार्ज कर्मचारी रखकर उससे सफाई व अन्य कार्य करवा सकें। लेकिन मौजूदा हालात ये है कि अभी तक इसको लेकर बजट ही जारी नहीं हुआ है। किसी भी स्कूल में कर्मचारी नहीं रखा गया है और विद्यार्थियों को सफाई करनी पड़ रही है।
कोट
ग्रीष्मावकाश के बाद सरकारी स्कूल खुल गए है, पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कुछ कम रही है। जहां तक सफाई कर्मचारियों की बात है, प्राइमरी स्कूलों में कमी है। यहां पर पहले पार्ट टाइम थे, जिन्हें रेगुलर करके हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भेज दिया गया।
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-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी

फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में सफाई करते विद्यार्थी।- फोटो : Fatehabad

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