फतेहाबाद। नगर परिषद प्रशासन शहर में बनी हरित पट्टी को लेकर गंभीर नहीं है। हरित पट्टी के सुंदरीकरण के लिए करीब 50 लाख से ज्यादा का मार्बल और स्टील ग्रिल लगा दी गई लेकिन हरियाली को प्रशासन भूल गया। यहां तक अफसरों के लगाए गए पौधों की भी संभाल नहीं की गई है।
पार्षद अर्जुन कटारिया खुद मान रहे हैं कि हरित पट्टी की संभाल नहीं हो रही है। हरित पट्टी की देखभाल को लेकर हाउस की बैठक में मुद्दा उठाने के साथ-साथ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। शहर के मॉडल टाउन में बनाई गई हरित पट्टी की जब पड़ताल की गई तो मिला कि कहीं मार्बल टूट चुका है, कहीं अभी तक लगा ही नहीं है। यही नहीं स्टील के लगे गेट तक चोरी हो चुके हैं। हरियाली के नाम पर कुछ नहीं है। आसपास के दुकानदार उनमें पार्किंग बना चुके हैं।
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गोशाला के सामने बनी हरित पट्टी
शहर के गोशाला के सामने बनी हरित पट्टी की पड़ताल गई तो यहां मिला कि स्टील के गेट चोरी हो चुके हैं। यहां पर घास के नाम पर कुछ नहीं मिला।
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बीएसएनएल कार्यालय के सामने हरित पट्टी
शहर के हिसार-सिरसा रोड पर बीएसएनएल कार्यालय के सामने बनी हरित पट्टी के हालात अच्छे नहीं मिले। यहां दीवारों पर मार्बल नहीं लगा है। इसके आसपास गंदगी और मिट्टी के ढेर लगे हैं। यही नहीं हरित पट्टी के अंदर आसपास के कई दुकानदारों ने पार्किंग बना दी है।
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पपीहा पार्क के सामने हरित पट्टी
शहर के पपीहा पार्क के सामने हरित पट्टी पर लगा मार्बल गई जगहों से टूट चुका है। यहां भी पार्क से लेकर नागरिक अस्पताल तक बनी हरित पट्टी में हरियाली के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। यहां तक पिछले साल नगर परिषद प्रशासन जो पौधे लगाए थे उन्हें भी नहीं संभाला जा रहा है।
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नगर परिषद ने पार्कों को दे रखा है संस्थाओं को गोद
नगर परिषद ने शहर के पार्कों को संभालने के लिए संस्थाओं को गोद दे रखा है। करीब 15 पार्कों और हरित पट्टी को संस्थाओं को गोद दिया गया है। इन संस्थाओं को नगर परिषद 4 रुपये 40 पैसे प्रति स्कवेयर मीटर के हिसाब से भुगतान कर रहा है।
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हरित पट्टी जरूर बनी है लेकिन यहां पर हरियाली के नाम पर कुछ नहीं है। मार्बल लगाने से कुछ नहीं होने वाला है। जबकि हरित पट्टी के अंदर बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए और घास उगाई जाए।
- रणबीर, होटल संचालक
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हरित पट्टी में सिर्फ मार्बल लगाया गया है वह भी पूरी तरह से नहीं लगा है। हालात ये है कि नगर परिषद प्रशासन इनकी सार संभाल नहीं रहा है। हरियाली नाम की कोई चीज नहीं है। हाउस बैठक में कई बार मुद्दा भी उठा चुके है सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
- अर्जुन कटारिया, पार्षद
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ये बात सही है कि हरित पट्टी का सुधार नहीं हुआ है। हरित पट्टी की हालत सुधारने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और इसको लेकर प्रयास किए जाएंगे।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद।
व्यंगात्मक शीर्षक के साथ