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Fatehabad News: बजट के चक्रव्यूह में फंसी हरियाली

Mon, 22 Jun 2026 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के मॉडल टाउन में बना पार्क संवाद
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फतेहाबाद। नगर परिषद की ओर से संस्थाओं को गोद दिए गए पार्कों की सफाई और मरम्मत कार्य के बिलों के भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को पेमेंट अप्रूवल कमेटी (पीएसी) की बैठक में लंबित बिलों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस बैठक में प्रधान, उपप्रधान और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) शामिल होंगे, जिसमें पार्कों के लंबित बिलों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। करीब 6 माह से पार्कों में काम कर चुकी संस्थाओं के पुराने बिलों का भुगतान भी अधर में लटका हुआ है। अटकी राशि पास कराने के लिए विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी लगातार डीएमसी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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पार्कों की दुर्दशा और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नगर परिषद की उपप्रधान सविता टुटेजा ने अब तक बिलों पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है। उपप्रधान के कड़े रुख को देखते हुए इस बैठक में भारी हंगामे के आसार बने हुए हैं।

शहर में नगर परिषद के 18 पार्क है और इसके अलावा करीब 10 ग्रीन बेल्ट एरिया हैं। इन पार्कों और ग्रीन बेल्ट की देखरेख के लिए नगर परिषद हर साल संस्थाओं को गोद दे रही है। नगर परिषद संस्था को 4 रुपये 53 पैसे प्रति वर्ग गज के हिसाब से भुगतान करता है। पिछले साल आधे पार्कों का ठेका सितंबर माह में खत्म हो गया था और कई पार्को का ठेका इस साल फरवरी और अप्रैल माह में हुआ है।
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नगर परिषद इस साल जनवरी माह में कई बड़े पार्क संस्थाओं को गोद दे दिए लेकिन इसको लेकर आवेदन नहीं मांगे गए। इसको लेकर चेहती संस्थाओं को पार्क गोद देने के आरोप भी लगे और तत्कालीन डीएमसी अनुराग ढालिया ने शहीद उद्यम सिंह पार्क और भूना रोड ग्रीन बेल्ट का अनुबंध खत्म कर दिया था और अब नए सिरे आवेदन भी मांगे गए।

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अनुबंध खत्म, चार माह का भुगतान नहीं

शहर के पुरानी तहसील चौक में पार्क गोद लेने वाले मंगल सिंह का कहना है कि उन्हें जनवरी से लेकर अप्रैल माह तक के बिल का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने काम छोड़ दिया है। दो माह से बिलों के लिए भटक रहे है। -

नई संस्थाओं को भी भुगतान नहीं

शहर के पपीहा समेत कई पार्क गोद लेने वाली संस्था के पदाधिकारी भी बिलों के लिए भटक रहे है। पदाधिकारी का कहना है कि पांच माह से भुगतान नहीं हुआ है, लेबर को कहां से भुगतान किया जाए।

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पिछले साल के सितंबर से फरवरी माह तक के तीन छोटे पार्को और कन्हैया पार्क का सितंबर से लेकर दिसंबर तक के बिल का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जिंदगी संस्था ने ही कन्हैया पार्क की सूरत बदली है। एक साल होने को है और हम बिलों के लिए चक्कर काट रहे है। बिलों का भुगतान न हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

-हरदीप , अध्यक्ष जिंदगी संस्था,

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मंगलवार को सुबह 11 बजे पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक है। इस बैठक में पुराने बिलों को लेकर भी चर्चा की जाएगी। पहले पुराने बिलों को पास किया जाएगा, इसके बाद ही नए बिल पाए होंगे। सफाई को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी।
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सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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