बनमंदोरी से पीलीमंदोरी की सड़के किनारे आग से जलकर नष्ट हुए पौधें। स्रोत जागरूक पाठक
फतेहाबाद। जिले में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फानों को जलाने का सिलसिला जारी है, जिससे पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग के अनुसार टोहाना के कुलां रोड, जाखल, भट्टूकलां, ढिंगसरा रोड, पीलीमंदोरी-बनमंदोरी रोड, किरढान, नूरकी अहली और हरिपुरा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पौधों को आग से नुकसान हुआ।
रेंज ऑफिसर महेंद्र ने बताया कि जलने वाले पौधों में कई दो वर्ष पुराने और अच्छी तरह पनप चुके थे। इन पौधों को तैयार करने और उनकी देखभाल में काफी श्रम और सरकारी बजट खर्च हुआ था। आग फैलने के कारण इन्हें बचाया नहीं जा सका। विभाग अब उनके स्थान पर नए पौधरोपण करेगा।
जिला वन अधिकारी राजेश लीलड़ ने बताया कि सड़क किनारे जलकर नष्ट हुए पौधों को लेकर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वन रक्षकों की टीम मौके का मुआयना कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग किन खेतों से फैली और कारण क्या था। जिन किसानों की लापरवाही से वन संपदा को नुकसान हुआ, उन्हें चिन्हित कर जुर्माना लगाया जाएगा।
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:: किसानों से अपील है कि वे गेहूं के फाने न जलाएं। इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। इस तरह आग से पेड़ों और पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।