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Fatehabad News: भट्टूकलां में फूंका सरकार का पुतला, जाखल में किसानों ने मनाया काला दिवस

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भट्टूकलां में सरकार का पुतला फूंकते किसान। 
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फतेहाबाद। खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की रबड़ की गोली लगने से हुई युवा किसान शुभकरण की मौत के विरोध में फतेहाबाद में शुक्रवार को जाखल में किसानों ने काला दिवस मनाया। वहीं भट्टू कलां में किसानों ने सरकार का पुतला फूंककर अपना विरोध जाहिर किया है। उधर, पंजाब से लगते जिले के सभी नाकों पर शुक्रवार को शांति रही और गांव अयाल्की में किसान पक्का मोर्चा लगाकर बैठे रहे। पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन ने 26 फरवरी को जिले में ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया है।
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जाखल में उपतहसील कार्यालय के बाहर किसानों को बाढ़ मुआवजे की राशि देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया। किसानों ने हाथों पर काली पट्टी, काला पटका व काली टी-शर्ट पहनकर खनौरी में पुलिस की गोली के शिकार हुए शुभकरण को श्रद्धांजलि दी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उप तहसील कार्यालय में 12वें दिन भी किसानों का धरना जारी है और साथ ही उप तहसील कार्यालय को किसानों को तालाबंदी करके बंद किया हुआ है। गांव अयाल्की के पास नाके पर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति से जुड़े किसानों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान किसानों ने सरकार का पुतला भी फूंका। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। किसानों ने धरना स्थल पर आंदोलन में शहीद हुए किसान को श्रद्धांजलि भी दी।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन के राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने इस अवसर पर बताया कि खनौरी में हुई नौजवान किसान की मृत्यु के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने काली पट्टी बांधकर काला दिवस के रूप में मनाया हैश्कि। किसान 26 फरवरी को क्षेत्र में ट्रैक्टर रैली भी निकालेंगे और 14 मार्च को दिल्ली कूच भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को खेड़ी-चौपटा में भी किसानों पर लाठीचार्ज किया गया है, जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा साफ दिखाई दे रहा है।
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पहले पुतले की शव यात्रा निकाली, फिर फूंका
अखिल भारतीय किसान सभा ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी भट्टू कलां के गेट के समक्ष संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सरकार के पुतले का दहन किया। इस दौरान खनौरी बॉर्डर पर जान गंवाने वाले किसान को श्रद्धांजलि दी गई। प्रदर्शन की अध्यक्षता तहसील कमेटी प्रधान मास्टर हनुमान सिंह ने की। मुख्य वक्ता किसान सभा के जिला प्रधान कामरेड विष्णुदत्त शर्मा, खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव रामकुमार बहबलपुरिया रहे। किसान सभा सदस्यों ने अनाजमंडी से होते हुए मार्केट कमेटी के मुख्य गेट तक सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुआ है। जब अपने हकों की लड़ाई लड़ने को लेकर शांतिप्रिय ढंग से किसान दिल्ली के लिए कूच करने के लिए निकले तो उनके रास्ते में तानाशाही रवैया अपनाते हुए सरकार ने सड़कों को उखाड़कर झील का रूप दे दिया। कई स्थानों पर कंक्रीट के बड़े-बड़े बैरिकेडिंग लगाकर लोहे की कीलें सड़कों में गाड़ दी। सरकारी बल का प्रयोग कर निहत्थे किसानों पर गोली व आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
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