फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया दो दिन जारी रहेगी। इसके बाद सरकारी खरीद बंद हो जाएगा। इस बार धान की खरीद के लिए सरकार की ओर से 22 अक्तूबर से शुरू की गई थी। इससे मंडियों में कुल उपज का परमल धान मंडियों में पहुंच चुका है।
मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है वे अगले दो दिनों में बची हुई फसल को मंडी में लाकर बेच दें ताकि सरकारी खरीद का लाभ मिल सके। जिले की अनाज मंडियों में इस आर सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर अब तक कुल 10,84,094 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। पिछले साल यह आंकड़ा 6,28,377 क्विंटल था। इस सीजन में धान की पैदावार अच्छी रही है और सरकारी खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।
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परमल धान की आवक धीमी, बासमती की तेज
परमल धान की आवक में अब कमी आई है। इसकी रोजाना की आवक लगभग 1000 क्विंटल के आसपास बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर बासमती धान की रोजाना 20 हजार क्विंटल आवक हो रही है। बासमती धान की खरीद निजी खरीदारों की ओर से लगातार जारी रहेगी। किसान अब अपनी बासमती किस्म की फसलें में मंडियों में ला रहे हैं, जहां उन्हें निजी व्यापारियों से अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर
जिला प्रशासन ने सरकारी खरीद एजेंसियों से खरीदे गए धान का भुगतान बाकी है उन किसानों के खातों में समय पर राशि डालने का कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया में कोई देरी न करें। खरीद एजेंसियां और मार्केट कमेटी ने किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे अपनी उपज को सुखाकर और साफ करके ही मंडी लाएं ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट न आए।
:: जिले की अनाज मंडियों व खरीद केंद्र 15 नवंबर तक धान की सरकारी खरीद जारी रहेगी। जिन किसानों ने अभी तक परमल धान की फसल को नहीं बेचा है वह अगले दो दिनों में बेच दें ताकि सरकारी भाव का लाभ लें सके।
-यशपाल मेहता, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।