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Fatehabad News: सवा दो साल बाद मिला न्याय, कंपनी ने ब्याज सहित लौटाए रुपये

Thu, 05 Dec 2024 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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अमेजॉन से हुए फ्राड के बारे में जानकारी देते वीरेंद्र कौशल।
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टोहाना । शहर की नवदुर्गा कॉलोनी निवासी वीरेंद्र कौशल के साथ ऑनलाइन शॉपिंग एप अमेजॉन द्वारा हजारों रुपये का फ्रॉड करने के मामले में उपभोक्ता अदालत ने करीब सवा दो साल बाद न्याय दिलाया है।
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अदालत के आदेश के बाद अमेजॉन एप ने वीरेंद्र कौशल को 30 हजार रुपये की राशि ब्याज व जुर्माने सहित करीब 55643 का चेक दिया है। कंपनी ने उपभोक्ता से एलईडी के दो बार रुपये लिए थे। इसके बाद एप पर उसका खाता बंद कर दिया था।

वीरेंद्र कौशल ने बताया कि अगस्त 2022 में उसने अमेजॉन ऑनलाइन शॉपिंग एप पर करीब 26 हजार रुपये कीमत की एक एलईडी कैश ऑन डिलीवरी मंगवाई थी।

एलईडी देने के लिए आए डिलीवरी ब्वॉय ने कहा कि वे नहर के पास आ चुके हैं, यहां से एलईडी ले जाइए। उसने कहा कि घर आकर डिलीवरी देकर जाए। उसने अमेजॉन एप के केयर पर शिकायत दर्ज करवाई कि डिलीवरी ब्वॉय ने अभद्रता की है और ऑर्डर भी कैंसिल कर दिया है।
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वीरेंद्र ने बताया कि उस समय अमेजॉन कस्टमर केयर से कहा गया कि आप अमेजॉन पे वॉलेट में रुपये डालकर अपनी एलईडी दोबारा से आर्डर कर दीजिए। उसने अपने एसबीआई खाते से 30 हजार रुपये की राशि अमेजॉन वॉलेट में ट्रांसफर कर दिए।
अगले दिन सुबह वही कोरियर वाले उसके घर पहुंच गए और माफी मांगते हुए कहा कि आपकी यह एलईडी ले लीजिए और हमें पैसे दे दीजिए।

तब वीरेंद्र कौशल ने दोबारा अमेजॉन कस्टमर केयर में फोन करके पूछा कि इस पर क्या करना है तो कस्टमर केयर ने नकद पेमेंट देने के लिए कहते हुए कहा कि वे तीस हजार रुपये अमेजॉन वॉलेट में वापस कर देंगे। वीरेंद्र ने कहा कि कंपनी ने उसके रुपये देने के बजाय उसका अमेजॉन अकाउंट ही बंद कर दिया।
कई बार ईमेल से शिकायत करने के बाद भी हल नहीं हुआ तो 16 सितंबर 2022 को उसने उपभोक्ता अदालत में केस किया।

केस खुद लड़ा और सवा दो साल में हासिल की जीत

पीड़ित वीरेंद्र कौशल ने बताया कि उपभोक्ता अदालत में केस लड़ने के लिए किसी वकील की जरूरत नहीं होती। यहां उपभोक्ता को स्वयं अपना केस लड़ना पड़ता है। यहां केस लड़ने के लिए हिंदी में भी पूरी कार्रवाई कर सकते है। 16 अक्तूबर 2024 को उपभोक्ता अदालत ने फैसला सुनाया कि कंपनी को वीरेंद्र कौशल को ब्याज सहित 55,643 रुपये देने होंगे। यदि 45 दिन में राशि नहीं दी तो जुर्माना बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जा सकता है या सजा को एक साल से बढ़ाकर तीन साल किया जाएगा। कंपनी ने तीन दिसंबर को उसे चेक दे दिया है।
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