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गीता जयंती महोत्सव में बिखेरी हरियाणवी संस्कृति की छटा

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गीता जयंती महोत्सव के दौरान पंडाल में बनाया गया ई-दिशा केंद्र। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। मनोहर मेमोरियल महाविद्यालय में जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और कलाकारों ने प्रदेश की संस्कृति की छटा बिखेरी। दिनभर विद्यार्थियों और अन्य लोगों ने स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों में खरीददारी की। कार्यक्रम में मुख्यातिथि सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद सुनीता दुग्गल और अति विशिष्ट अतिथि टोहाना से विधायक देवेंद्र बबली रहे। महोत्सव की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त महावीर प्रसाद ने की।
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महोत्सव में डीएवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया। जबकि आर्यभट्ट पब्लिक स्कूल, पॉयनियर स्कूल और महाराजा अग्रसेन स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। लोकसंपर्क एवं सांस्कृतिक विभाग के कलाकार फूल कुमार ने देशां में देश हरियाणा जहां भगवान श्रीकृष्ण का ठिकाना गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
इस अवसर पर सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने संस्कारवादी संस्कृति को भूल कर पश्चिमी सभ्यता में धीरे-धीरे खुद को ढाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत में पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण का साथ लेकर साबित कर दिया कि माता-पिता की सेवा करते हुए भगवान की शरण में जाना चाहिए। बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद ही सफलता की नींव साबित होती है। सांसद दुग्गल ने कहा कि आज समाज में महिलाओं को अत्याचार हो रहा है और समाज को ऐसे अत्याचारों के विरुद्ध होकर लड़ाई लड़नी चाहिए और युवा पीढ़ी को अच्छे मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि वे अपनी शक्ति को पहचानते हुए आत्मरक्षा के गुणों से परिपूर्ण रहे। संासद ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गीता को घर-घर और जन-जन तक पहुंचाने के लिए गीता महोत्सव कार्यक्रमों को महत्व दिया है और लगातार जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसमें जन सहभागिता सुनिश्चित की है।
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उन्होंने कहा कि योग के बाद गीता ग्रंथ को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज विदेशों में भारत के संस्कार और विरासत को जानने की जिज्ञासा बढ़ी है। गीता दर्शन के प्रति भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है तथा पूरी दुनिया ने महान गीता ग्रंथ को अपनाया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली ने कहा कि आज हम अपनी संस्कृति से रूबरू नहीं हो पा रहे है। पहले गुरुजनों व माता-पिता का बड़ा सम्मान होता था, लेकिन इसमें कमी आ रही है। इसलिए युवाओं को गीता के संदेश से प्रेरणा लेकर नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना होगा। विधायक देवेंद्र बबली ने कहा कि यदि आपका कर्म अच्छा है और भविष्य में आपका फल भी अच्छा ही मिलेगा।
अतिथियों को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की
एडीसी महावीर प्रसाद ने अतिथियों को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की। समारोह में डाइट मताना के उपप्राचार्य टेकचंद ने श्रीमद्भागवत गीता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युवाओं मार्गदर्शन की जरूरत है और मार्गदर्शन के लिए संस्कार गीता के माध्यम से मिल सकते है। प्रो. राजबीर सिवाच ने कहा कि कलयुग में हर व्यक्ति मोह और माया से त्रस्त है। इसलिए जो व्यक्ति गीता के महत्व को समझ गया और उसके बताए मार्ग पर चल पड़ा वह इस मोह और माया से मुक्त जाएगा। अंत में अतिथियों ने एचएसआरएलएम के ग्रामीण परिवेश वाली झोपड़ी में भोज लिया।
पराली और बांस से बनीं झोपड़ी में लगी प्रदर्शनियां
अतिरिक्त उपायुक्त महावीर प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण को महत्व को समझाने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव में सभी प्रदर्शनियां पराली और बांस की झोपड़ी में लगेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने कलाकारों के साथ मिलकर बेहतर प्रयास किया। इस अवसर पर एसडीएम सरजीत सिंह नैन, डीईओ दयानंद सिहाग, एलडीएम अनिल मीणा, आरएसएस के सरकार्यवाह गुरबक्श मोंगा, भारत विकास परिषद के सीपी आहूजा, आयुष अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया, डीआईसी उप निदेशक जेसी लांग्यान, एडवोकेट संत कुमार टूटेजा, भाजपा प्रदेश मोर्चा के सदस्य रामचंद्र रेहलन, महामंत्री जगदीश शर्मा, डॉ. आत्माराम मेहता, नरेश तनेजा टीटू, इंद्र गावड़ी, रितेश बजाज रिंकू, अशोक जाखड़, प्रताप सिंह, दीपक सरदाना, आशु मोंगा, आशु ग्रोवर आदि मौजूद रहे।
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