फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गीता जयंती समारोह का आगाज, दिखी प्राचीन संस्कृति की झलक

विज्ञापन
गीता जयंती समारोह का प्रवेश द्वार, जिसे श्रीकृष्ण द्वार का नाम दिया गया है। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। एमएम कॉलेज के प्रांगण में शुक्रवार को जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह का भव्य आगाज हो गया। समारोह पूरी तरह से दिल्ली के ट्रेड फेयर की तर्ज पर नजर आया। सुबह हवन यज्ञ और मंत्रोच्चारण के साथ समारोह स्थल पर लोक गायकों ने प्राचीन कला से युक्त गीतों की धुन पर समां बांध दिया। हालांकि मुख्यातिथि दोपहर को ही पहुंचे, लेकिन तब तक लोक गायकों ने हरियाणा की संस्कृति के सुर बजाए रखे।
विज्ञापन

हवन यज्ञ के बाद उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा प्रवेशद्वार जिसे श्री कृष्ण द्वार का नाम दिया गया था, से प्रविष्ट हुए और विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों और प्राचीन गांवों की संस्कृति का उल्लेख करती स्टालों की ओर रुख किया। जैसे ही वो एक हालिया बनाए गए एक कच्चे मकान के पास पहुंचे तो वहां पर ग्रामीण महिलाएं सरसों का साग, बाजरे की रोटी, चटनी बनाती नजर आईं। साथ ही चौधरी का हुक्का पर उपायुक्त स्वयं बैठ गए और उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपीएम रणविजय को आदेश दिया कि किसी भी सूरत में कोई भी वस्तु मुफ्त में वितरित न की जाए। हर चीज के चार्ज वसूले जाएं। जब वे बागवानी विभाग की स्टाल पर पहुंचे तो वहां जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण को निर्देश दिया कि यहां पर किसानों व एफपीओ की सब्जियों की बिक्री की जाए। ऐसे ही उन्होंने डीआरडीए से संबंधित कई स्टालों पर महिला कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी चीज का नाजायज वितरित नहीं किया जाए।
उपायुक्त ने हर कर्मचारी और स्टाल इंचार्ज से कार्यक्रम के बारे में सवाल-जवाब किए। इस बीच मुख्यातिथि विधायक लक्ष्मण नापा पहुंचे तो उन्होंने फानूस की तरह बनाए गए एक एक झोपड़ी में उनका स्वागत किया एवं जलपान करवाया। गीता जयंती महोत्सव को एक कार्यक्रम की तरह नहीं मनाया गया। बल्कि इस बार महोत्सव में प्राचीन ग्रामीण परिवेश की दैनिक जीवन शैली के दर्शन करवाए गए। इसके लिए शिक्षा विभाग के 80 शिक्षकों ने कई दिनों की लगातार मेहनत के बाद ग्रामीण परिवेश तैयार किया।
विज्ञापन

प्रदर्शनियों में ग्रामीण परिवेश की झलक प्रस्तुत की
जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के दौरान विधायक लक्ष्मण नापा जब सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचे तो उन्होंने यहां खुद की सेल्फी ली और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया। महोत्सव में जिला प्रशासन द्वारा 50 प्रदर्शनी केंद्र लोगों व विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय रहे। सबसे ज्यादा प्रदर्शनी एचएसएलआरएम व शिक्षा विभाग की रही। एचएसएलआरएम द्वारा की प्रदर्शनियों में ग्रामीण परिवेश की झलक प्रस्तुत की। जबकि शिक्षा विभाग की प्रदर्शनियों में गोवर्धन पर्वत, प्राचीन द्वार को उपस्थित लोगों ने सराहा।
मुख्यातिथि बोले, गीता ने दिया है मानवता का संदेश
रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता ने मानवता का संदेश दिया है। गीता ही व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है। गीता एक किताब न होकर हमारी मार्गदर्शक है। नापा ने कहा कि प्रदेश में संत गुरुनानक देव, गुरु रविदास, कबीर दास जैसे महापुरुषों की जयंतियों को बनाकर हरियाणा सरकार ने भाईचारे को बढ़ावा दिया है और अब गीता महोत्सव के माध्यम से घर-घर में गीता के ज्ञान को पहुंचाया जा रहा है जोकि सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद महाराज के प्रयासों से गीता जयंती महोत्सव मनाने की जो शुरूआत की गई है वह स्वागत योग्य है। इसके माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति को पहचानने में मदद मिलेगी। गीता जयंती के माध्यम से विदेशों में भारत की नई पहचान बनी है। देश के साथ-साथ अब विदेशों में भी गीता जयंती के कार्यक्रम होने लगे है।
कार्यक्रम में गुरुकुल वेद मंदिर मताना के विद्यार्थियों ने वैदिक प्रवक्ता डॉ. सुदामा शास्त्री की अगुवाई में श्लोकोच्चारण किया। जबकि अपैक्स पब्लिक स्कूल द्वारा भजन, जवाहर नवोदय विद्यालय खाराखेड़ी द्वारा नाटक, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फतेहाबाद के विद्यार्थियों द्वारा भंगडे की प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें