घग्गर नदी से गुजर रहा पानी : संवाद
रतिया। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों में तेजी से घटा है। इससे राहत की स्थिति बनी है, लेकिन किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। वीरवार शाम को चांदपुरा साइफन पर नदी का जलस्तर 12,500 क्यूसेक था, जो शुक्रवार को घटकर 10,500 क्यूसेक और शनिवार सुबह तक 7600 क्यूसेक रह गया।
शनिवार शाम होते-होते यह 5600 क्यूसेक तक पहुंच गया। पिछले एक सप्ताह से नदी में जलस्तर का उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे खेतों के पास बसे किसानों में संशय और चिंता का माहौल बना हुआ है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण प्रशासन सतर्क है। सुरक्षा की दृष्टि से सिंचाई विभाग की ओर से शनिवार को बुढलाडा रोड स्थित नदी किनारे मनरेगा श्रमिकों की सहायता से मिट्टी के बैग भरने और किनारों की सफाई का कार्य किया गया है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेंद्र कुंड ने बताया कि फिलहाल घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, जिससे स्थिति नियंत्रण में है। बारिश की संभावना को देखते हुए एहतियातन मिट्टी से भरे बैग पुल के पास रखवाए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। प्रशासन की तैयारियां पूरी है।
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22 हजार क्यूसेक है क्षमता
चांदपुरा साइफन पर घग्गर नदी की कुल वहन क्षमता 22,000 क्यूसेक है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पानी रंगोई नाले की ओर मोड़ा जाता है, यदि जलस्तर बढ़ता है तो इसकी अतिरिक्त जलवहन क्षमता 6,000 क्यूसेक तक की है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार मौके का निरीक्षण कर रहे हैं।
घग्गर नदी से गुजर रहा पानी : संवाद