फतेहाबाद। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच मंगलवार को 26 दिन बाद पुलिस सुरक्षा में डोर-टू-डोर कचरा उठान गाड़ियां वार्डों में पहुंचीं। लोगों ने राहत की सांस ली और घरों का कचरा गाड़ियों में डाला। प्रशासन ने 70 फीसदी उठान का दावा किया।
पुलिस लाइन से गाड़ियों को वार्डों में भेजा गया। प्रत्येक गाड़ी के साथ पुलिस पीसीआर और राइडर तैनात रहे। प्रशासन ने विवाद की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में गाड़ियां नहीं भेजीं। नगर परिषद प्रशासन ने सोमवार रात को ही 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में गाड़ियों को कार्यालय से बाहर निकाला था।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सफाई कर्मचारियों ने सोमवार रात नगर परिषद कार्यालय में कचरा फेंककर विरोध जताया था। कर्मचारियों ने ईओ, सचिव, सफाई शाखा और उपप्रधान के कक्ष में कचरा डाल दिया था।
सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते शहर की कॉलोनियों में लंबे समय से कचरा जमा था। मंगलवार को गाड़ियां पहुंचने से लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि संवेदनशील क्षेत्रों में कचरा उठान नहीं होने से वहां समस्या बनी रही।
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कार्यालय में कचरा, उठान के लिए तैनात करनी पड़ी पुलिस
नगर परिषद कार्यालय के अंदर फैले कचरे के कारण कामकाज ठप रहा। नगर परिषद कार्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण शाखा, प्रॉपर्टी आईडी शाखा, गृहकर शाखा में पूरी तरह से काम बंद रहा। ईओ और सचिव के कार्यालय में भी कचरा फैला रहा। मंगलवार दोपहर को कार्यालय के अंदर फैले कचरे को उठाने के लिए भी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतपाल रोज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। एसएचओ संजय मोरवाल भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एक बार कचरा उठान का विरोध किया लेकिन पार्षदों के हस्तक्षेप के बाद ईओ ने मेन गेट बंद कर सफाई करवाई। हालांकि सफाई के दौरान एक बार तनाव की स्थिति बनी रही।
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सफाई पर भी हो सकता है फैसला
नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 26 दिन से सफाई बंद है। ऐसे में प्रशासन ने डोर टू डोर कचरा उठान शुरू होने के बाद अब आधे क्षेत्र में सफाई शुरू करवा सकता है। नगर परिषद ने आधे क्षेत्र में सफाई का ठेका एजेंसी को दिया हुआ है।