हिमांशु गैंग का कुख्यात गैंगस्टर जसबीर उर्फ जैकी हथकड़ी में पुलिस सुरक्षा के साथ अपने घर टिब्ब
भूना। गांव टिब्बी में वीरवार को हिमांशु गैंग का कुख्यात गैंगस्टर जसबीर उर्फ जैकी हथकड़ी में पुलिस सुरक्षा के साथ अपने घर पहुंचा। जैकी को उसके पिता की तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए प्रशासन ने एक घंटे का समय दिया था। गांव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 50-60 पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जैकी के पिता कृष्ण कुमार जांगड़ा का 10-12 दिन पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था, लेकिन जेल प्रशासन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी थी। परिवार की ओर से बार-बार निवेदन करने के बाद तेरहवीं संस्कार के दिन उसे सुरक्षा के साथ घर लाया गया। कुख्यात गैंगस्टर जसबीर उर्फ जैकी ने दिसंबर 2024 में रंगदारी मामले को लेकर एक व्यापारी की हत्या कर दी थी। सीआईए पुलिस ने हत्यारोपियों का पीछा किया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो कुख्यात गैंगस्टर जसबीर उर्फ जैकी व एक अन्य दोस्त को कई गोलियां लगी थीं। इसलिए उपचार के बाद बच गया था।
वीरवार सुबह करीब 10 बजे सोनीपत जिला जेल से पुलिस टीम विशेष वैन में आरोपी जैकी को लेकर उसके पैतृक गांव टिब्बी पहुंची। यहां उसे घर में ले जाकर परिवार से मिलने दिया गया। इस दौरान उसकी मां अपने बेटे को देख फफक-फफक कर रोने लगी। उसकी सुरक्षा के मद्देनजर भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया। घर पर निर्धारित समय पूरा होने के बाद पुलिस उसे वापस भूना थाना लाई और वहां से दोबारा जेल भेज दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में तनाव और सतर्कता का माहौल बना रहा।
परिवार ने कर रखा है बेदखल
गांव के लोगों का कहना है कि परिवार ने जैकी को उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते पहले ही घर से बेदखल कर रखा था। इसलिए तेरहवीं कार्यक्रम में गांव के किसी भी व्यक्ति को उससे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। केवल उसकी मां व करीबी परिजनों ने ही उससे मुलाकात की। पुलिस के अनुसार जैकी हिसार, गुरुग्राम और रोहतक सहित कई जिलों में सक्रिय हिमांशु गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी वारदात में शामिल रहा है और वर्तमान में सोनीपत जेल में बंद है।