भूना। फ्यूचर मेकर लाइफ केयर लिमिटेड कंपनी के एमडी बंसीलाल और सीएमडी राधेश्याम शीशवाल पर जान से मारने की साजिश का आरोप लगा है। शिकायत हिसार निवासी सुशील कौशिक ने दी है। आरोप है कि 17 मई को टिब्बी गांव में बंसीलाल की खेत की ढाणी में चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर दो लोगों को पिलाने का आरोप लगाए गए है। इसलिए दोनों की हालत बिगड़ने पर पहले भूना सीएचसी में भर्ती कराया गया। फिर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अब दोनों का इलाज हिसार के निजी अस्पताल में चल रहा है।
शिकायतकर्ता सुशील कौशिक ने बताया कि उसने वर्ष 2018 में साढ़े 9 करोड़ रुपये फ्यूचर मेकर कंपनी में लगाए थे। यह निवेश रोहन निवासी हिसार और इंद्रजीत निवासी रेवाड़ी के माध्यम से किया गया था। बाद में कंपनी पर धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हुए। आरोपी जेल भी गए। इसके बाद कंपनी के एमडी बंसीलाल और सीएमडी राधेश्याम बार-बार पैसे लौटाने का आश्वासन देते रहे।
सुशील ने बताया कि 17 मई को वह रोहन, इंद्रजीत और नरेश के साथ बंसीलाल की ढाणी में गया। वहां बंसीलाल नहीं मिला। फोन पर उसने दो घंटे में आने की बात कही। इसलिए वे लोग वहीं रुक गए। बंसीलाल के पिता सोहनलाल, छोटे भाई प्रेम कुमार और चाचा का लड़का वहां आए। उन्होंने चाय पिलाई। चाय पीते ही रोहन और इंद्रजीत को उल्टियां होने लगीं। सुशील और नरेश ने चाय नहीं पी थी। इसलिए उन्होंने दोनों को तुरंत भूना सीएचसी पहुंचाया। वहां से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत न सुधरने पर हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुशील कौशिक ने आरोप लगाया कि 2956 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाली फ्यूचर मेकर कंपनी के एमडी और सीएमडी की साजिश के तहत चाय में नशीला पदार्थ मिलाया गया। इसलिए एमडी के परिवार के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। फ्यूचर मेकर कंपनी पर देशभर में मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और एमडी बंसीलाल सहित 6 आरोपी जमानत पर बाहर हैं। ईडी ने कंपनी से जुड़े कुछ लोगों की संपत्ति भी अटैच की है।
इधर, बंसीलाल के चचेरे भाई तेजपाल ने बताया कि 17 मई को दो गाड़ियों में पांच लोग आए थे। पहले पूछताछ कर चले गए। फिर लौटे और बताया कि बंसीलाल आ रहा है। तेजपाल ने चाय मंगवाई। सात कप चाय आई। तीन कप उन्होंने पी। दो कप तेजपाल और प्रेम कुमार ने पी। बंसीलाल नहीं आया तो वे लोग दोपहर 3 बजे चले गए। तेजपाल ने कहा कि किसी को उल्टी नहीं हुई। शाम 6 बजे मेडिकल रिपोर्ट कटवाई गई। तीन घंटे वे कहां रहे, यह संदिग्ध है। बंसीलाल के पिता सोहनलाल ने बताया कि उन्होंने बेटे को चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर रखा है। उसका घर आना-जाना बंद है। उन्होंने पूरे मामले को ड्रामा बताया। कहा कि चाय में कोई जहरीला पदार्थ नहीं था। मेरे छोटे बेटे और भतीजे ने भी वही चाय पी थी। यह सब अनावश्यक दबाव बनाने की रणनीति है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्रा ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। चाय पीने के बाद जिनकी हालत बिगड़ी, उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।