कोरोना की दूसरी लहर के चलते पिछले तीन माह से कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए बंद स्कूल शुक्रवार से खुलने जा रहे हैं। पहले चरण में कक्षा नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। दूसरे चरण में आज से छठी से आठवीं तक की शुरू हो रही कक्षाओं को लेकर स्कूल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिखे। तीन माह बाद विद्यार्थी स्कूल आएंगे, लेकिन सांसद सुनीता दुग्गल के आदेशों के बावजूद कई स्कूलों में पानी की टंकियों की सफाई नहीं की गई और न ही स्कूल प्रशासन इसको लेकर गंभीर दिखा।
संवाददाता ने वीरवार को सरकारी स्कूलों में पानी की टंकियों को जांचा, लेकिन स्कूल प्रशासन लापरवाह दिखा। कहीं पानी की टंकियों पर ढक्कन तक नहीं मिले तो कहीं पिछले दो साल से सफाई तक नहीं की गई। जबकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनीता सिंगला का कहना है कि पानी की टंकियों की सफाई को लेकर लिखित में आदेश दिए जा चुके हैं। वहीं कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए किताबें जारी नहीं करवाई। इसके चलते शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक राशि विद्यार्थियों को जारी नहीं हुई। शिक्षकों का कहना है कि राशि को लेकर कोई पत्र ही जारी नहीं किया गया है। इसके चलते अभी तक विद्यार्थियों को किताबों के लिए राशि नहीं मिली है। जिले के करीब 30 हजार विद्यार्थी बिना किताबों के स्कूल पहुंचेंगे। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों ने किताबों का आदान-प्रदान किया है लेकिन वह पूरी तरह से नहीं हुआ है।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल फतेहाबाद
शहर के धर्मशाला रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में बनी पानी की टंकी की जांच की गई। यहां टंकी पर ढक्कन लगा मिला, लेकिन टंकी के अंदर सफाई नहीं मिली। टंकी के अंदर मिट्टी जमा है। हालांकि, मौके पर मौजूद स्कूल शिक्षकों ने कहा कि सफाई करवाई जा रही है।
बीईओ दफ्तर के साथ स्कूल में घोर लापरवाही, ढक्कन ही नहीं
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ बने राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में स्टाफ की लापरवाही देखने को मिली। पानी की टंकी पर ढक्कन तक नहीं था। स्कूल के एंट्री गेट पर बनी पानी की टंकी से ढक्कन गायब मिला। ये ही नहीं टंकी से पानी भी व्यर्थ बह रहा था। टंकी का एक हिस्सा कंडम होने के बावजूद उसे ठीक भी नहीं करवाया गया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल अहरवां
रतिया रोड पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल अहरवां में पानी की टंकी साफ मिली। स्कूल की तरफ से व्यर्थ जाने वाले पानी को रिचार्ज करने तक की व्यवस्था कर रखी है। राजकीय प्राथमिक स्कूल के मुख्य शिक्षक देवेंद्र दहिया ने बताया कि पानी की टंकी की 15 से 20 दिन में एक बार सफाई जरूर करवाई जाती है। बच्चों को बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित करने को बैनर भी लगाया गया है।
जिले में मिडल स्कूल : 86
विद्यार्थियों की संख्या : 30674
इन नियमों का करना होगा पालन
कक्षा के 50 फीसदी विद्यार्थियों को आना होगा।
स्कूल आने के लिए विद्यार्थियों को अभिभावकों का सहमति पत्र लाना होगा।
बिना मास्क विद्यार्थी की स्कूल में एंट्री नहीं होगी।
स्कूल परिसर में छात्र कोई भी सामग्री का आदान-प्रदान नहीं कर सकेंगे।
स्कूल में विद्यार्थी का तापमान जांच जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए स्कूल में समय सुबह 9 बजे से 12 बजे तक का रहेगा।
कोट
छठी से आठवीं की कक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो रही है। स्कूल प्रबंधकों को कोरोना नियमों के अनुसार पढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। जहां तक पानी की टंकियों की सफाई का सवाल है, इस संबंध में सभी स्कूल मुखिया को आदेश दिए जा चुके हैं। अगर कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो जांच करवाई जाएगी।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में बिना सफाई के पानी टंकी।- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद में राजकीय प्राइमरी स्कूल में बिना ढक्कन पानी की टंकी।- फोटो : Fatehabad