नगर परिषद में हाजिरी को लेकर गड़बड़झाला सामने आया है। अधिकारी खुद का रजिस्टर लगाकर उसे अपने कब्जे में रख रहे हैं। यहां तक कई नप के कर्मचारियों की उनके साथी हाजिरी लगा रहे है। नगर परिषद के प्रधान दर्शन नागपाल ने जब हाजिरी रजिस्टर की जांच की तो इसमें खुलासा हुआ है। नप के लेखा अधिकारी द्वारा अपना अलग से हाजिरी रजिस्टर मैनटेन करने और उसे अपने कब्जे में रखने पर प्रधान ने नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
इसके अलावा नप के सात अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। कर्मचारियों की रजिस्टर में हाजिरी नहीं लगी थी। लेखा अधिकारी को जारी हुए नोटिस में प्रधान ने लिखा है कि कार्यालय में हाजिरी रजिस्टर में अन्य अधिकारी के साथ-साथ अपनी हाजिरी नहीं लगाई जारी है और अपना अलग से रजिस्टर लगा रखा है और उसे अपनी कस्टडी में रखा हुआ है।
कर्मचारी लगा रहे एक-दूसरे की हाजिरी
नप प्रधान की जांच में सामने आया है कि नगर परिषद के कर्मचारी एक-दूसरे की हाजिरी लगा रहे हैं। कर्मचारी खुद लेट आ रहे हैं और पहले आने वाला साथी हाजिरी लगा रहा है। प्रधान के मुताबिक बायोमीट्रिक बंद होने के बाद गड़बड़ी बढ़ गई है। इसको लेकर सख्ती शुरू की गई है।
बिना चेक नप खाते से करोड़ों रुपये ट्रांसफर
इधर नगर परिषद के लेखा अधिकारी मनीराम ने ईओ जितेंद्र कुलड़िया को पत्र लिखकर आईडीबीआई बैंक खाते से साढ़े 9 करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का मामला उठाया है। बिना चेक इतनी बड़ी राशि कैसे ट्रांसफर कर दी गई। वहीं, नप प्रधान दर्शन नागपाल का इस मामले में कहना है कि नगर परिषद की यह राशि उसी बैंक में दूसरे खाते ट्रांसफर की गई है।
मेरे से पहले जो लेखा अधिकारी था, उसने हाजिरी रजिस्टर लगाया हुआ था, मेरी ज्वाइनिंग होने के बाद मैने भी उसी सिस्टम से हाजिरी शुरू कर दी। प्रधान ने नोटिस जारी किया है तो उसका जवाब भी दे दिया जाएगा।
- मनीराम, लेखा अधिकारी नप
लेखा अधिकारी ने अपना अलग से हाजिरी रजिस्टर लगा रखा है। जो कि स्वयं अपनी कस्टडी में रहता है। सरकार के नियम के खिलाफ है। इस संबंध में नोटिस जारी करके दो दिन में जवाब मांगा है।
- दर्शन नागपाल, प्रधान नगर परिषद