फतेहाबाद में सर्वे के दौरान लारवा ढूंढते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड फीवर सर्वे का चौथा चरण शुरू कर दी है। एक जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें डोर-टू:डोर जाकर सर्वे करेगी। इस दौरान बुखार केस मिलने पर उसकी स्लाइड बनाई जाएगी। स्लाइड में स्वास्थ्य विभाग मलेरिया की जांच करेगा। हालांकि पिछले तीन चरणों में मलेरिया केस नहीं मिला है। जबकि सर्वे के दौरान करीब 6 हजार बुखार केस मिल चुके हैं।
इस बार सर्वे में स्वास्थ्य विभाग ने 20 ब्लीडिंग चेकर भी शामिल किए हैं। इसमें 6 नागरिक अस्पताल फतेहाबाद की तरफ से लगाए गए हैं। ये ब्लीडिंग चेकर भी डोर-टू-डोर जाकर कूलरों, फ्रिज की ट्रे और गमलों में लारवा ढूंढेंगे। मानसून में जलभराव होने पर स्वास्थ्य विभाग को लारवा पनपने की चिंता सता रही है। इसके चलते विभाग ने ब्लीडिंग चेकर लगाकर सर्वे तेज कर रहा है।
अब तक ये मिल चुके फीवर केस
माह घरों में सर्वे फीवर केस
अप्रैल 13749 2062
मई 120338 2185
जून 114251 1981
जिले में पिछले सालों में डेंगू और मलेरिया के मिल चुके मरीज
वर्ष डेंगू मरीज मलेरिया मरीज
2015 189 992
2016 38 368
2017 419 107
2018 56 2
2019 29 5
2020 35 4
2021 993 2
2022 154 0
2023 0 0
मलेरिया के ये हैं लक्षण
तेज बुखार होना
सर्दी व कंपन
सिर दर्द व उल्टियां होना
मच्छर के काटने से खुद को ऐसे बचाएं
मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को मच्छरदानी या मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। घर के दरवाजे और खिड़कियों पर जाली का इस्तेमाल करें। कीटनाशक छिड़काव के बाद कम से कम तीन महीने तक रंग-रोगन न करवाएं। पूरी बाजू के कपड़े पहने।
कोट
जिले में अब तक डेंगू और मलेरिया का कोई नया केस नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे करवा रहा है। रैपिड फीवर सर्वे का भी चौथा चरण शुरू हो गया है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ