रतिया। नगरपालिका के डोर टू डोर कचरा उठान के ठेकेदार की चार गाड़ियां पिछले कई दिनों से खराब हैं। इस कारण शहर में कचरा उठाने की समस्या पैदा हो गई है।
शहर में कई जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। कई गलियों में कचरा लेने के लिए कर्मचारी गाड़ी लेकर नहीं जा रहे हैं। इससे शहरवासी परेशान हैं। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह ने विजिलेंस विभाग के डायरेक्टर से रतिया के डोर टू डोर ठेकेदार की विजिलेंस जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार रतिया नगरपालिका द्वारा शहर से कचरा उठाने का टेंडर सिरसा की एक फर्म को दिया हुआ है। पूरे रतिया शहर से प्रतिदिन 22 टन कचरे का उठान ठेकेदार द्वारा किया जाता है। इसके लिए प्रति टन ठेकेदार को 1400 रुपये के हिसाब से लगभग 9 लाख रुपये प्रति महीना दिए जाते हैं।
मनदीप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि डोर टू डोर ठेकेदार द्वारा शहर में कचरा उठाने में धांधली की जा रही है। कागजों में ठेकेदार की सात टाटा एस गाड़ियां और तीन ट्रैक्टर दिखाए जा रहे हैं जबकि धरातल पर पूरी गाड़ियों से कचरा नहीं उठाया जा रहा। चार टाटा एस गाड़ियां पिछले कई दिनों से खराब पड़ी हैं।
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गाड़ियां खराब मिली तो होगा जुर्माना : सफाई निरीक्षक
हमारे पास गाड़ियां खराब होने की कोई सूचना नहीं है। अगर गाड़ियां खराब हुईं और ठेकेदार द्वारा कचरा नहीं उठाया जा रहा है, तो इसकी जांच की जाएगी। गाड़ियां खराब मिली तो जुर्माना किया जाएगा।
-ओंकार सिंह, सफाई निरीक्षक, रतिया नगरपालिका।
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करवाई जाएगी जांच : एसडीएम
डोर टू डोर कचरा उठाने के ठेकेदार की लगातार शिकायतें मिल रही है। इस बारे में टीम गठित करके डोर टू डोर के कार्यों की जांच करवाई जाएगी। काम में कमियां मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश चंद्र, एसडीएम, रतिया।