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डेंगू का संदिग्ध मरीज मिला, विभाग में हड़कंप

Mon, 07 Sep 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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जिसे प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक ने गंभीर हालत को देखते हुए अग्रोहा रेफर कर दिया है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम डेंगू आशंकित मरीज के घर जाकर जांच करेगी। डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि ज्यादातर मरीज प्राइवेट अस्पतालों में ही उपचार करवाते हैं।

रतिया चुंगी निवासी 14 वर्षीय बालक को बुखार होने पर उसके परिजनों ने उसे पुराने बस स्टैंड स्थित प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया।

जहां चिकित्सकों ने उपचार किया लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा तो उसे अग्रोहा रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार मरीज में प्राथमिक जांच में डेंगू के लक्षण बताए जा रहे हैं।
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निजी अस्पताल के चिकित्सक ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। फिलहाल टीम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।

सबसे बड़ी बात यह भी है कि सामान्य अस्पताल में सीरियस मरीजों के लिए वेंटिलेटर की सुविधा भी नहीं है। विभाग को या तो प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर उन्हें अग्रोहा रेफर कर दिया जाता है।


86 लोगों में हो चुकी है मलेरिया की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जुलाई तक ली गई स्लाइडों में से 86 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। मलेरिया के बढ़ते केसों के बाद विभाग की ओर से शहर में फोगिंग करवाई जा रही है।

बढ़ सकती है मरीजों की संख्या:
मलेरिया व डेंगू पीड़ित मरीजों की सही संख्या का अनुमान इसलिए भी नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि निजी अस्पताल मनमानी पर उतारू हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को डेंगू के मरीजों की सूचना देने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों पर अमल न के बराबर हुआ है। सबसे ज्यादा मरीज प्राइवेट अस्पतालों में ही उपचार करवाना पसंद करते हैं, क्योंकि सिविल अस्पतालों में अलग से वार्ड की व्यवस्था ही नहीं है।
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क्या है डेंगू के लक्षण
-प्लेटलेटस कम होना
-शरीर पर लाल दाने होना
-तेज बुखार चढ़ना
-आखें लाल होना
-उल्टी में खून आना


ये रखें ध्यान
एडीज मच्छर खड़े पानी में पनपता है। इसलिए कूलर तथा घड़े का पानी समय पर बदलते रहें। किसी प्रकार के लक्षण लगे तो इसे हल्के में न लेते हुए चिकित्सक को दिखाएं।
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