फतेहाबाद। गांव एमपी रोही (मोहम्मदपुर रोही) से झलनियां रोड पर सोमवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के भतीजे और पूर्व विधायक दुड़ाराम के भाई उग्रसेन की गाड़ी पर दो गाड़ियों में सवार होकर आए युवकों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने गाड़ी के शीशे तोड़ दिए।
हमले के पीछे कारण विधानसभा चुनाव के दौरान बूथ पर हुए विवाद की रंजिश बताया जा रहा है। सदर पुलिस ने उग्रसेन की गाड़ी के चालक सुशील की शिकायत पर आरोपी गांव एमपी रोही निवासी कृपाराम पूनिया, बेटा कुलदीप, अमित व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी कुलदीप टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
वहीं हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिद्धांत जैन ने सीआईए समेत तीन टीमों का गठन किया है। मंगलवार शाम तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात को चालक सुशील धांगड़ रोड का रास्ता खराब होने के कारण गाड़ी लेकर गांव एमपी रोही से झलनियां रोड होते हुए शहर फतेहाबाद लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि गांव एमपी रोही से दो किलोमीटर निकलते ही दो गाड़ी में सवार लोगों उग्रसेन की कार को घेर लिया और हमला बोल दिया। पुलिस के मुताबिक हमले के दौरान उग्रसेन वहां मौजूद नहीं थे। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। मंगलवार सुबह एसपी कार्यालय की तरफ से सूचना भी जारी की गई कि आरोपियों की पहचान हो गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।
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चुनावी रंजिश बताया जा रहा है कारण
उग्रसेन की गाड़ी पर हमले के पीछे विधानसभा चुनाव के दौरान हुए झगड़े को कारण माना जा रहा है। दुड़ाराम भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवार थे। मतदान के दिन शाम को गांव एमपी रोही में दोनों पक्षों के बीच बोगस मतदान का आरोप लगाकर झगड़ा हुआ था। माहौल तनावपूर्ण भी हुआ था। तत्कालीन डीसी और एसपी मौके पर पहुंचे थे और स्थिति को संभाला था। इस दौरान आरोपी कृपाराम पूनिया आदि के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था।
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पुलिस ने जांचे आसपास के कैमरे
घटना की जांच के लिए मंगलवार को सदर पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र के कैमरों की जांच की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्य जुटाने में जुटी हैं। इसके अलावा हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है। सदर थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हमले की शिकायत गाड़ी के चालक की तरफ से दी गई है। हमले के गाड़ी में दौरान चालक ही मौजूद था।