संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने इस वर्ष जिले में विभिन्न स्थानों पर 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बड़़ोपल स्थित वन विभाग की नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
जिले में वर्ष 2024 में 8 लाख पौधे लगाए थे। वहीं इस साल मानसून में पांच लाख क्लोन के सफेदे, दो लाख वन विभाग की भूमि पर और तीन लाख पौधे स्कूल, पंचायत और सामाजिक संस्थाओं में वितरित किए जाएंगे।
जिले में वन विभाग ने वर्ष 2022-23 में 7.20 लाख पौधे लगाए थे तो वर्ष 2023-24 में 7.65 लाख पौधे लगाए थे और साल 2024-25 के दौरान 8 लाख पौधे लगाए हैं। ऐसे में वन विभाग ने पिछले में तीन सालों में 22 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों में से करीब 18 लाख पौधे कामयाब हुए हैं। वहीं इस जिले में 10 लाख पौधे और लगने के बाद उम्मीद है कि जिले के वनक्षेत्र में सुधार होगा।
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष लगाए जाने वाले पौधों में क्षेत्र की मिट्टी के अनुकूल विभिन्न प्रकार की किस्में शामिल की जाएगी। इनमें छायादार वृक्ष, फलदार वृक्ष और झाड़़ी नुमा पौधे शामिल हैं। यह पौधे हरियाली के साथ-साथ जैव विविधता को बढ़ाने में भी सहायक होंगे। वन विभाग का मुख्य ध्यान उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां पौधरोपण की अधिक आवश्यकता है, जैसे कि सड़कों के किनारे, नहर किनारे, स्कूल परिसरों और वन विभाग की भूमि शामिल है।
अधिकारियों की माने तो बड़ोपल की नर्सरी में इन पौधों को तैयार करने का कार्य चल रहा है। नर्सरी में कार्यरत कर्मचारी पौधों की उचित देखभाल कर रहे हैं ताकि रोपण के समय स्वस्थ और मजबूत पौधे उपलब्ध हो सकें। पौधों की सिंचाई, खाद और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वन विभाग का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे ही पौधरोपण का उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त सकते हैं। नर्सरी में तैयार सभी पौधों की लंबाई तीन से चार फीट हो सकी है। हालांकि अभी मानसून आने में करीब दो से अधिक माह का समय शेष है।
:: पिछले वर्ष के पौधरोपण अभियान की सफलता के बाद वन विभाग की ओर से इस वर्ष 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब एक करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इन पौधों की वन विभाग की ओर से एक वर्ष तक इन पौधों की निगरानी और देखभाल की जाएगी। वन विभाग का लक्ष्य है कि राज्य में सबसे कम वनक्षेत्र में आने वाले जिले फतेहाबाद को अगले वर्षों में हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी फतेहाबाद।