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फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जोगिंद्र को एसपी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

Wed, 15 Jun 2016 12:29 AM IST
fatehabad
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 भूना बस ब्लास्ट मामले में क्रेडिट न मिलने से खफा होकर व्हाट्सएप ग्रुप में अपना दर्द बयां करने वाले सीन ऑफ क्राइम के इंचार्ज डॉ. जोगिंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। मंगलवार सुबह ही डॉ. जोगिंद्र के व्हाट्सएप पर दर्द बयां करने बाबत खबर प्रकाशित हुई थी। बताया गया है कि उसी खबर एवं व्हाट्सएप ग्रुप के स्क्रीन शॉट के आधार पर एसपी ओपी नरवाल ने ये कार्यवाही की है। दूसरी ओर फोरेंसिक एक्सपर्ट ने इस मामले में एसपी आफिस से कारण बताओ नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए इस पर हैरानी जताई है।


ये लिखा है कारण बताओ नोटिस में
पुलिस विभाग से जारी कारण बताओ नोटिस में लिखा गया है कि जिले में पुलिस से संबंधित किसी भी मामले में बयान जारी करने के लिए पुलिस कप्तान ही अधिकृत होते हैं। ऐसे में डॉ. जोगिंद्र ने व्हाट्सएप ग्रुप में भूना बस ब्लास्ट केस की चर्चा कर इस नियम को तोड़ा है। इस बारे में डॉ. जोगिंद्र को कारण बताने को कहा गया है। इस बारे में पूछे जाने पर फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जोगिंद्र ने कारण बताओ नोटिस मिलने की हामी भरी है। हालांकि उन्होंने हैरत जताते हुए कहा कि इस नोटिस का तो ये मतलब है कि हमारी कोई सोशल लाइफ नहीं है। हम अपने विचार भी क्या सोशल मीडिया पर नहीं रख सकते। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो सोशल मीडिया पर लिखा, वो उनकी निजी राय थी।
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ये है मामला
बीते दिन भूना में हुए बस ब्लास्ट के मामले में एसपी ने मामले का खुलासा करने के लिए पत्रकारवार्ता बुलाई थी, लेकिन इस प्रेस कांफ्रेंस में फोरेंसिक टीम इंचार्ज डॉ. जोगिंद्र या उनकी टीम के योगदान का कोई जिक्र नहीं था। इस बात से भड़के डॉ. जोगिंद्र ने दो दिन पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में इस मामले को लेकर एक खुला पत्र जारी कर दिया था। इसमें पुलिस विभाग द्वारा फोरेंसिक टीम और उनको नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। मंगलवार को इस बाबत खबर जारी होते ही एसपी ओपी नरवाल ने इस मामले में बिना आज्ञा सोशल मीडिया में जाने पर फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. जोगिंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
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एसपी कार्यालय से एक कर्मचारी मुझे हाथ में कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसमें सोशल मीडिया में मेरे द्वारा जारी किए ओपन लेटर के चलते मुझसे जवाब मांगा गया है। मैं हैरान हूं कि सोशल मीडिया पर लिखी गई बात मेरे निजी विचार थे। ऐसे में कारण बताओ नोटिस भेजने से मैं अचंभित हूं।
डॉ. जोगिंद्र, इंचार्ज सीन ऑफ क्राइम टीम, फतेहाबाद ।
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