फतेहाबाद की नागरिक अस्पताल में जच्चा बच्चा ओपीडी ब्लॉक
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में डिलीवरी केस को रेफर का डर दिखा एक आशा वर्कर ने तीन हजार रुपये ले लिए। रुपये लेने के बाद अस्पताल में ही डिलीवरी करवा दी गई। यही नहीं लड़का होने पर बधाई की भी मांग गई। इस मामले में एक चिकित्सक और आशा वर्कर फंस गए है।
इस मामले की जांच करने के लिए शुक्रवार को मुख्यालय की तरफ से टीम पहुंची। टीम ने करीब सात घंटे तक जांच की। टीम ने मामले में शिकायकर्ता, आरोपी डॉक्टर व आशा वर्कर, जीडीए के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा रिकॉर्ड की भी जांच की गई है। टीम ने नागरिक अस्पताल से पिछले साल अक्तूबर और इस साल के जुलाई माह में हुई सिजेरियन डिलीवरी का रिकॉर्ड तलब किया।
इसके अलावा नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के नाम पर बधाई लेने की कितनी शिकायत आई है उसका भी रिकॉर्ड लिया गया है। मुख्यालय की तरफ से भेजी गई कमेटी में हिसार से उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण और फतेहाबाद व सिरसा के आशा को ऑर्डिनेटर शामिल रहे। इस मामले में भट्टूकलां क्षेत्र के एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग को शिकायत दी थी।
इसमें आरोप लगाया गया था कि पिछले साल अक्तूबर माह में उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल में लाया गया। डिलीवरी के दौरान आशा वर्कर ने रेफर करने का डर दिखा तीन हजार रुपये ले लिए और इसके बाद अस्पताल में डिलीवरी करवाई गई। डिलीवरी के बाद बेटा हुआ तो बधाई भी मांगी गई।
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मुख्यालय जांच से नहीं हुआ संतुष्ट, खोली फाइल
शिकायत के बाद जिलास्तर पर जांच की गई। पहली शिकायत होने के चलते आशा वर्कर को चेतावनी नोटिस दिया गया और काम का रिव्यू शुरू हुआ। इसके अलावा संबंधित डॉक्टर को भी चेतावनी दी गई। रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई लेकिन मुख्यालय जांच से संतुष्ट नहीं हुआ और कमेटी को जांच के लिए भेजा गया है। सूत्रों की माने तो मामले में आशा वर्कर और डॉक्टर पर गाज गिरना तय है।
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स्वास्थ्य मुख्यालय से मामले की जांच के लिए टीम पहुंची है। टीम मामले में जांच कर रही है और मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- डॉ. सुभाष, एसएमओ