हिसार। खाद्य प्रौद्योगिकी वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण विज्ञान शाखाओं में से एक है। यह केवल भोजन को सुरक्षित रखने या प्रसंस्करण तकनीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और मानव कल्याण का माध्यम भी है। यह बात वीरवार को कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के फूड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से बेहतर भोजन व बेहतर भविष्य के लिए हाथ से हाथ मिलाना'''' विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह को बतौर मुख्यातिथि कही।
हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड की वरिष्ठ उपाध्यक्ष रूबल कटारिया कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं। कुलपति ने कहा कि जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो उसमें केवल आर्थिक प्रगति या तकनीकी श्रेष्ठता नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और न्याय संगत पोषण का समावेश भी अनिवार्य है। यह एक ऐसा भारत हो, जो आत्मनिर्भर हो। जहां कोई भी नागरिक भूखा न सोए और जहां हर थाली में पोषण और हर किसान के परिश्रम का सम्मान हो।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने पौष्टिक भोजन को स्वस्थ सोच का आधार बताया। रूबल कटारिया ने कहा कि भोजन की वास्तविक कीमत वही समझ सकता है जो भूखा है। उन्होंने सभी से भोजन की बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों के लिए भोजन दान की अपील की। विभागाध्यक्ष प्रो. अराधिता बी. रे ने बताया कि कार्यक्रम में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के क्रश हॉल में विद्यार्थियों द्वारा पौष्टिक व्यंजनों के फूड स्टॉल लगाए गए और प्रश्नोत्तरी व एक्सटेम्पोर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रश्नोत्तरी में प्रीति-मुक्ति की टीम प्रथम, सोनू-पनमन की टीम द्वितीय और मानवी-लविशा-यमन की टीम तृतीय रही। एक्सटेम्पोर में मनसवी ने पहला, अपूर्वा ने दूसरा और ईशा सैनी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रो. अलका शर्मा, प्रो. एमबी बेरा व प्रो. मनीष कुमार सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।