फतेहाबाद। कोरोना संक्रमित पाए गए मरीजों को बासी रोटियां खिलाकर देखभाल की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग घरों में आइसोलेट मरीजों के लिए गली में दवा फेंककर दे रहा है। यह अव्यवस्था कोविड हेल्थ सेंटर में दाखिल और घर पर आइसोलेट मरीजों ने तीन वीडियो वायरल कर दिखाई है। वायरल वीडियो में कोरोना संक्रमित मरीजों ने बासी रोटियां दिखाकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
वीडियो आने के बाद प्रशासन अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। पहले भी कोविड सेंटर में दाखिल मरीजों की तरफ से वीडियो वायरल करके प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा चुके हैं। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे।
रोटी बासी, सब्जी में नमक और मिर्च ज्यादा
फतेहाबाद की अग्रवाल धर्मशाला में आइसोलेट किए गए मरीज जयकिशन ने वीडियो वायरल कर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जय किशन का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को बासी रोटी खिलाई जा रही है। इसके अलावा सब्जी में नमक और मिर्च बहुत ज्यादा होती है, जिसे खा पाना मुश्किल है। इसको लेकर जय किशन ने दूसरा वीडियो भी वायरल किया, जिसमें बासी रोटी को दिखाया गया है। भीमां बस्ती निवासी जय किशन कुमार का कहना है कुछ दिन पहले अग्रवाल धर्मशाला में कोरोना पॉजिटिव आने पर आइसोलेट किया गया था। इसके बाद परिवार का टेस्ट किया गया तो परिवार के लोग भी कोरोना पॉजिटिव मिले, जिन्हें घर पर ही आइसोलेट किया गया।
नहीं बताया जाता दवा का कितना सेवन करना है
घर पर आइसोलेट मरीजों ने भी वीडियो वायरल किया है। इसमें बताया गया है कि स्वस्थ विभाग के कर्मचारी इम्यूनिटी बढ़ाने की दवाई गली में फेंककर चले जाते हैं, उन्हें बताया तक नहीं जाता कि दवाई की कितनी मात्रा का सेवन करना है। बच्चे और बुजुर्ग को एक जैसी दवाई दी जा रही है। बुजुर्ग को सांस की तकलीफ होने पर संभालने डॉक्टर तक नहीं आया। यहां तक कि गली भी सैनिटाइज नहीं की गई है।
दो कोविड सेंटरों में दाखिल हैं मरीज
जिला में अब तक 500 से ज्यादा मरीज आ चुके हैं। करीब 243 मरीजों को कोविड हेल्थ सेंटर में रखा गया। इनके लिए राम सेवा समिति और अग्रवाल धर्मशाला कोविड सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 242 मरीजों को घर पर आइसोलेट किया जा चुका है।
मामला मेरे संज्ञान में है
मेरे संज्ञान में मामला आया है, खाने को लेकर एक मरीज ने शिकायत की है। एसडीएम कार्यालय की तरफ से खाने की व्यवस्था की जाती है। इसको लेकर एसडीएम के संज्ञान में मामला लाया जा रहा है। दवाई गली में नहीं फेंकी जा रही है। घर के बाहर रखी जा रही है।
- डॉ हनुमान, उपसिविल सर्जन।
खाने की जांच के लिए लगाया जाएगा अधिकारी
मेरे संज्ञान में मामला आने के बाद तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। सीएमओ को भी कहा गया है कि दवाई गली में फेंकने बारे संज्ञान लें। खाने की गुणवत्ता को लेकर 15 अगस्त के बाद अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो जांच करेगा।
- कुलभूषण बंसल, एसडीएम।