अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में जाट समाज के लोगों ने गांव ढाणी गोपाल-भोजराज चौक से तीन एकड़ दूर खेतों में अनिश्चितकालीन सद्भावना धरना शुरू कर दिया है। धरने की अध्यक्षता जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने की। रविवार को जाट आंदोलन के तहत धरने के पहले दिन आंदोलनकारियों की संख्या काफी कम होने से पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बताया गया है कि धरने के पहले दिन महज सवा सौ जाट आंदोलनकारी ही पहुंचे जबकि दूसरी ओर पुलिस कर्मचारी सैकड़ों की संख्या में चौक पर डटे थे। मौके पर एसपी ओपी नरवाल, एएसपी गंगाराम पुनिया, एसडीएम संतलाल पचार, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट रविंद्र दलाल, नायब तहसीलदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा, एसएचओ बिमला देवी के अतिरिक्त भारी मात्रा में पुलिस तथा अन्य विभागों के अधिकारी गण भी मामले पर नजर टिकाए थे। जबकि मौके पर एएसपी गंगाराम पूनियां पल-पल की रिपोर्ट उच्च स्तर पर देकर हालात से अवगत करवा रहे थे।
तय जगह से इतर धरना देने युवाओं को पुलिस ने खदेड़ा
रविवार की सुबह करीब साढे़ नौ बजे गांव ढाणी सांचला के एक दर्जन के करीब युवा चौक पर पहुंचे। जिन्होंने आते ही ढाणी गोपाल-भोजराज चौक पर सफाई की और वहां दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। नाका इंचार्ज रिछपाल सिंह ने मामले की सूचना तुरंत एसएचओ भूना बिमला देवी को दी।
सूचना के मात्र 10 मिनट बाद ही एसएचओ बिमला देवी भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंची और उन्होंने चौक से युवाओं को धरना देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जाट नेताओं ने आरक्षण से संबंधित धरना देने के लिए चौक एव रोड से तीन एकड़ दूर जगह को निर्धारित करके मंजूरी ली है। यहां पर धरना नहीं दिया जा सकता। मगर कुछ युवा जब विरोध करने लगे तो एसएचओ ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया तथा दरी को उठाकर मंदिर में पहुंचा दिया।
चौक पर भी जवानों ने की दंगे से निपटने की रिहर्सल
फतेहाबाद-चंडीगढ़ मार्ग से तीन एकड़ दूर खेतों में सफेदों के नीचे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दिया जा रहा था, तो दूसरी ओर गांव के चौक पर एएसपी, एसडीएम तथा सेना इंचार्ज जवानों को दंगा होने पर निपटने के लिए जानकारी देकर उन्हें जागरूक कर रहे थे।
गिरफ्तार लोगों को रिहा करे सरकार
प्रदर्शनकारियों ने रविवार को शांतिपूर्वक ढंग से धरना दिया। इस मौके पर संघर्ष समिति के नेता सुबे सिंह ढाका, रघुबीर सिंह गाजुवाला, महाबीर सिंह ढाणी गोपाल, रामकुमार महला ढाणी भोजराज, राजेश कुमार फौजी ढाणी सांचला, बुधराम, साधुराम, हवा सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, नरेश कुमार, बलजीत सिंह आदि जाट नेताओं ने कहा कि सरकार ने वादा खिलाफी की है।
आरक्षण के दौरान जाट समुदाय के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए समझौता हुआ था, मगर सरकार ने उससे विपरीत कार्य किया। जाट नेताओं को जबरन गिरफ्तार करके जेलों में भेज दिया है तथा आरक्षण से संबंधित कोई पैरवी नहीं की। उन्होंने कहा कि जाट नेताओं पर जब तक देश द्रोह और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया जाएगा तब तक उनका अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा।
पहला दिन है इसलिए कम आए है कल देखना : ढाका
धरने का पहला दिन था, इसलिए कम संख्या में लोग पहुंचे हैं। परंतु सोमवार को देखना इनकी संख्या हजारों में होगी। हम शांतिपूर्वक ढंग से आंदोलन करेंगे। हम पर हजारों की संख्या में पुलिस और सेना के जवानों ने पहरा लगा रखा है, लेकिन हम सद्भावना के साथ धरना देंगे।
सूबे सिंह ढाका, नेता, जाट संघर्ष समिति