रविवार से शुरू हुए जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर सिविल अस्पताल में तैनात एंबुलेंस को भी अलर्ट कर दिया गया है। धरना स्थल के नजदीक दो एंबुलेंसों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका सीधा असर इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ा है। सिविल अस्पताल में एंबुलेंस की कमी की सीधी मार मरीजों पर पड़ी है। गांव हिजरावां निवासी रामस्वरूप ने बताया कि उसने सिविल अस्पताल के कंट्रोल रूम में एंबुलेंस भेजने के लिए फोन किया तो जवाब मिला कि प्राइवेट साधन में ले आइए एंबुलेंस नहीं है।
इसके बाद उसे प्राइवेट साधन में लेकर आना पड़ा। एंबुलेंस न होने के कारण फोन करने वाले मरीजों को सीधा टका सा जवाब मिल रहा है।
कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन ने जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए एंबुलेंस की मांग की थी। फतेहाबाद तथा भूना से दो एंबुलेंस की ड्यूटी लगाई गई है। इसके चलते फतेहाबाद में एएलएस और नागपुर अस्पताल से मंगवाई गई ईको एंबुलेंस से काम चलाया जा रहा है। रविवार को रेफर मरीज ज्यादा होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
प्रशासन द्वारा एंबुलेंस मांगी गई थी। दो एंबुलेंस को वहां पर भेज दिया गया है। नागपुर से एक एंबुलेंस का यहां पर बुलाया गया, ताकि मरीजों को दिक्कत न आए।
कुलदीप
फ्लीट मैनेजर कंट्रोल रूम