भूना।ढाणी गोपाल में श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु। आयोजक
भूना। गांव ढाणी गोपाल स्थित बाबा हरनाम गिरी डेरा में वीरवार को श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा और उल्लास का संगम देखने को मिला। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जैसे ही जन्म प्रसंग का वर्णन हुआ, कथास्थल पर आतिशबाजी की गई। श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे और परिसर जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक साध्वी शांतिपुरी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाललीला का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चा धनवान वही है, जो तन, मन और धन से सेवा व भक्ति करता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति केवल निष्कपट प्रेम और समर्पण से ही संभव है। पूतना चरित्र का उल्लेख करते हुए साध्वी शांतिपुरी ने बताया कि राक्षसी ने बालकृष्ण को विषपान कराने के उद्देश्य से स्तनपान कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने स्तनपान करते-करते ही उसका वध कर उद्धार कर दिया।
इसके पश्चात माता यशोदा ने पंचगव्य से श्रीकृष्ण का स्नान कराया। साध्वी ने गो सेवा, गायत्री मंत्र जाप और गीता पाठ को जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि गोसेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा का पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने आगे बताया कि पृथ्वी ने गाय का रूप धारण कर भगवान से रक्षा की गुहार लगाई थी। तब श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर पृथ्वी का उद्धार किया।
मिट्टी खाने के प्रसंग में जब गोप बालकों ने यशोदा माता से शिकायत की, तो माता ने श्रीकृष्ण से मुख खोलने को कहा। जैसे ही उन्होंने मुख खोला, माता ने उसमें संपूर्ण सृष्टि के दर्शन किए और उनकी दिव्यता को नमन किया। कथा में पंच दशनाम जूना अखाड़ा के श्रीश्री 1008 महंत संतपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सरपंच रेशमा गोदारा, पूर्व सरपंच हनुमान सिंह पूनिया, नंबरदार जगदीश चंद्र फगेड़िया, मास्टर सुरेंद्र खीचड़, रामकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।