फतेहाबाद/रतिया। हड़ताल पर बैठे दमकल विभाग के कर्मचारी शनिवार को चौथे दिन भी डटे रहे। दमकल कर्मचारी यूनियन की रोहतक में बैठक की गई लेकिन सरकार के साथ सहमति न बन पाने के कारण हड़ताल को दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया। वहीं दमकल विभाग ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के रोडवेज से 10 चालकों को बुलाया गया है।
फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान दमकल के दो कर्मचारियों की हुई मौत पर परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने और अन्य मांगों को लेकर पिछले चार दिन से हड़ताल पर हैं। दमकलकर्मी रामकिशन, धर्मपाल, विनोद आदि का कहना है कि कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं लेकिन सरकार उनके भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले साथियों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता और आश्रितों को सरकारी नौकरी तुरंत प्रदान की जाए।
रतिया में जिला प्रधान रघुबीर सिंह के नेतृत्व में दमकल विभाग के कार्यालय में हड़ताल पर बैठे हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया। धरनारत कर्मचारियों ने मांग की कि सरकार तुरंत मृतक के परिवारों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता व सुविधाएं प्रदान करें। इस मौके पर सुरेश कुमार, कृष्ण कुमार, शैलेंद्र, संजय, सतवीर सिंह, सतनाम सिंह, सुंदर लाल, मुकेश, अमित व कुलदीप आदि उपस्थित रहे।
स्थिति से निपटने के लिए की वैकल्पिक व्यवस्था
हड़ताल के लंबे चलने व सहमति न बन पाने के कारण जिले में अग्निशमन सेवाएं प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर हरियाणा रोडवेज से 10 चालकों को बुलाया है। इन चालकों को दमकल केंद्र पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या आग लगने की घटना होने पर व्यवस्था को संभाला जा सके।
बैठक बेनतीजा, जारी रहेगा संघर्ष
दमकल कर्मचारी यूनियन के प्रधान सतबीर सहारण ने बताया कि रोहतक में बैठक में उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी के विरोध में अब यह प्रदर्शन दो दिन और चलेगा। कर्मचारियों की मुख्य मांगों को जब तक नहीं माना जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी।