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पटाखों ने बिगाड़ी शहर की हवा, एक्यूआई 260 पहुंचा

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फतेहाबाद में आसमान में आतिशबाजी का दृश्य। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। दिवाली की रात फतेहाबाद शहर सहित आसपास के इलाकों में जमकर आतिशबाजी हुई। इससे प्रदूषण का स्तर 200 के पार चला गया। रात को हवा चलने के कारण धुआं छंटता रहा, जिस कारण अधिक परेशानी नहीं हुई, लेकिन मंगलवार को दोपहर बाद तक प्रदूषण का स्तर 261 पर पहुंच गया, जिससे शहर की हवा पर फर्क पड़ा। हालांकि पिछले साल जिले का एक्यूआई 350 था।
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दिवाली की रात को लगभग साढ़े सात बजे के आसपास ही पटाखे बजने शुरू हुए जो देर रात साढ़े 11-12 बजे तक चलते रहे। कमोबेश यही वो समय था, जब शहर में प्रदूषण का स्तर भी लगातार बिगड़ना शुरू हुआ। अब पटाखों के धुएं का प्रदूषण पर सीधा असर का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जैसे ही रात साढ़े सात बजे लोगों के पटाखे बजाने का सिलसिला शुरू हुआ, प्रदूषण का स्तर एक्यूआई एकाएक 200 पर जा पहुंचा, जो महज दो घंटे पहले साढ़े पांच बजे 140 था। इतना ही नहीं, जैसे जैसे पटाखों का शोर और धुआं बढ़ता गया, एक्यूआई का आंकड़ा भी बढ़ता चला गया। रात को 12 बजे एक्यूआई 208, रात दो बजे 234, रात तीन बजे 242 व सुबह चार बजे 244 रहा।
रात को हवा चलने से छंटता रहा धुआं
दिवाली रात को हवा चल रही थी, जिस कारण धुआं लगातार छंटता भी रहा, जिस कारण एक्यूआई का स्तर अधिक नहीं बढ़ा। ज्ञात रहे कि पिछले साल दिवाली के दिन ही एक्यूआई का स्तर 350 पर पहुंच गया था। वहीं मंगलवार सुबह हवा रुकने पर एक बार एक्यूआई ने छलांग मारी और दोपहर दो बजे तक एक्यूआई का स्तर 259 तक पहुंच गया और तीन बजे यह 261 तक जा पहुंचा।
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रोक के बावजूद बिके सामान्य पटाखे भी
प्रशासन ने सामान्य पटाखों की बिक्री पर रोक लगा रखी थी और केवल ग्रीन पटाखे जलाने के आदेश ही दिए थे। दिवाली की रात को प्रशासन के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ती देखी गई और ग्रीन पटाखों के साथ-साथ सामान्य पटाखों की जमकर बिक्री हुई। दिवाली की रात को लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े, बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग पटाखे बजाते देखे गए। गली मोहल्लों में लोग आतिश बाजियों के साथ फिरकी, अनार, सुतली बम सहित अन्य पटाखे बजाते देेखे गए। एक अनुमान के अनुसार, दिवाली की रात को ही लोगों ने 70 लाख रुपये के पटाखे जला दिए।
पारंपरिक तौर पर मनाया दिवाली का पर्व
फतेहाबाद में सोमवार को दिवाली का पर्व पारंपरिक तौर पर मनाया गया। लोगों ने अपने घरों को दियों व रंग बिरंगी लड़ियों से सजा रखा था। रात को पूजन का समय सात बजे से नौ बजे तक था और लोगों ने विधि विधान से मां लक्ष्मी का पूजन किया। इस दौरान दिनभर लोग अपने सगे संबंधियों के घर ड्राई फ्रुट्स, उपहार व मिठाई भेंट करते देखे गए।
कोट
पटाखों से हानिकारक गैस निकलती हैं, जो पर्यावरण के साथ-साथ लोगों की सेहत के लिए भी हानिकारक होती है। इससे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन व एलर्जी होती है। खासतौर पर दमा व हार्ट के मरीजों को इससे परेशानी होती है।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, फिजिशियन, सिविल अस्पताल फतेहाबाद।
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