कुलां-जाखल मुख्य मार्ग पर गांव ढेर के पास खेतों में लगी आग, इससे पेड़ों को भी नुकसान हो रहा है
कुलां। एक तरफ प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कर आमजन को प्रेरित कर रहा है, तो दूसरी तरफ खेतों में फसल अवशेष जलाने वाले पेड़-पौधों को भी नष्ट कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से गेहूं के अवशेष न जलाने के आदेश हवा होते नजर आ रहे हैं। सोमवार रात कुलां-जाखल मुख्य मार्ग पर गांव ढेर के पास खेतों में आग लगने से कई छोटे और सफेदे के बड़े पेड़ आग की भेंट चढ़ गए।
आग से जले पेड़ इतने कमजोर हो गए हैं कि यह किसी भी समय गिर सकते हैं। इससे बड़ा हादसा होने का भी खतरा बन गया है। कुछ जगहों पर किसान धान रोपाई करने की तैयारी के लिए स्वयं भी भूमि को साफ करने के उद्देश्य से खेतों में पड़े कूड़े को जलाने के लिए आग लगा रहे हैं। इससे आग फैलकर पेड़ पौधों को चपेट में ले लेती है। खेतों में आग लगने से जहरीला धुंआ मौसम में घुल रहा है। टोहाना के वन विभाग के रेंज ऑफिसर कश्मीर सिंह ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। बीती रात जाखल-कुलां रोड किनारे खड़े पेड़ पौधे जल गए हैं। हमारी टीम इसकी जांच कर रही है, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच में यदि किसी किसान द्वारा खेतों में फसल अवशेषों को आग लगाना पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।