भूना। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने प्रदेश की सभी नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में वित्तीय व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट कमेटी के गठन संबंधी 23 जनवरी 2024 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। अब इसकी जगह फाइनेंस सब-कमेटी काम करेगी।
इस बदलाव का असर भूना नगर पालिका सहित प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं के कामकाज पर भी पड़ेगा। विकास कार्यों, वित्तीय मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अब फाइनेंस सब-कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। नई व्यवस्था के तहत स्थानीय निकायों का कामकाज निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित किया जाएगा।
विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी उपायुक्तों, जिला नगर आयुक्तों, नगर निगम आयुक्तों तथा संबंधित नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों को भेज दी हैं।
विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा की ओर से 23 अक्तूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, हरियाणा म्युनिसिपल बिजनेस बाय-लॉज 1981 के क्लॉज 17 के तहत फाइनेंस सब-कमेटी का गठन और संचालन किया जाएगा। कमेटी के चुनाव, कार्यकाल, सदस्यों की नियुक्ति, सचिव की भूमिका, सदस्यों को हटाने, आकस्मिक रिक्तियां भरने, बैठकों, कोरम और मतदान सहित अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी होंगी।
पहले वाली वित्तीय शक्तियां रहेंगी बरकरार:
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फाइनेंस सब-कमेटी को वही वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां प्राप्त होंगी जो 11 जुलाई 2025 की अधिसूचना के तहत फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट कमेटियों को दी गई थीं। यानी कमेटी के स्वरूप में बदलाव किया गया है, जबकि उसे मिलने वाली शक्तियां पूर्व अधिसूचना के अनुरूप रहेंगी।