फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: स्कूल नहीं जाने पर पिता ने फटकार लगाई तो 12वीं कक्षा के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान

Mon, 03 Jul 2023 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
छात्र कौशल का फाइल फोटो
विज्ञापन
भूना। बारहवीं कक्षा के छात्र को उसके पिता ने गर्मी की छुट्टियों की समाप्ति के बाद सोमवार को स्कूल जाने के लिए डांटा तो उसने गुस्से में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया। सुबह करीब 11 बजे जब उसकी बड़ी बहन ने चौबारे के अंदर फंदे पर लटके छोटे भाई को देखा तो वह चिल्लाने लगी। पड़ोसी मौके पर पहुंचे और किशोर को फंदे से उतारकर सीएचसी केंद्र भूना में ले गए। वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार सरजीत सिंह का 17 वर्षीय पुत्र कौशल रतिया रोड पर स्थित प्राइवेट स्कूल में बारहवीं कक्षा का छात्र था। गर्मियों की छुट्टियां के बाद कुछ दिनों से वह स्कूल नहीं जा रहा था। 2 जुलाई को उसके पिता सरजीत सिंह ने उसे पढ़ाई करने के लिए सोमवार से स्कूल जाने के लिए फटकार लगा दी थी। सोमवार सुबह छात्र के पिता सीएचसी केंद्र के सामने अपनी घड़ी रिपेयरिंग की दुकान पर चले गए और मां मुकेश कुमारी पुराने बाजार में एक कपड़े की दुकान पर मजदूरी करने चली गई। घर पर छात्र की बड़ी दो बहनें कुसुम और आरती थीं।
छात्र कौशल घर के चौबारे में सुबह जाकर सो गया था। जब वह 11 बजे भी चौबारे से नीचे नहीं आया तो कुसुम ने जाकर देखा तो कौशल पंखे के हुक से फंदे पर झूल रहा था। इकलौते छोटे भाई को फंदे पर लटका देख कुसुम जोर-जोर से चिल्लाने लगी। मगर घर पर माता-पिता दोनों ही नहीं थे। पड़ोसियों ने आकर छात्र को फंदे से नीचे उतारा और तुरंत सीएचसी केंद्र भूना में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक योगेश कुमार ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सीएचसी केंद्र में पहुंचकर शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल फतेहाबाद भेज दिया। पुलिस ने छात्र के पिता सरजीत सिंह के बयान पर फिलहाल इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
विज्ञापन


बेटे को उच्च शिक्षित देखना चाहता था, मगर यह मेरी भूल थी : पिता
सीएचसी केंद्र के सामने छोटी सी घड़ी रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले सुरजीत सिंह अपने इकलौते बेटे द्वारा उठाए गए कदम के बाद बहुत दुखी हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि बेटे को अच्छी पढ़ाई करवा कर उच्च शिक्षित देखना चाहता था। इसलिए मेहनत मजदूरी करके पति-पत्नी मिलकर उसको अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करवा रहे थे। कौशल के उठाए कदम ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। मां मुकेश देवी व उसकी दोनों बहनें घटना के बाद से ही गहरे सदमे के कारण बेहोशी की हालत में हैं। 17 वर्षीय कौशल पिछले कई दिनों से स्कूल जाने से कतरा रहा था और मानसिक रूप से परेशान था। 2 जुलाई की शाम को वह घर से बाहर गया हुआ था और काफी समय व्यतीत करने के बाद आया तो सरजीत सिंह ने पढ़ाई करने के लिए उसे डांट दिया था। इससे वह मानसिक रूप से तनाव में आ गया और उसने सोमवार की सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
-
पुलिस जांच अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि छात्र कौशल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। पिछले लंबे समय से मानसिक परेशानी से गुजर रहा था, इसी के चलते सोमवार को घर के चौबारे में पंखे के हुक से फंदा लगा लिया। जिससे उसकी मौत हो गई है। मृतक के पिता के बयान पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें