रतिया। नगरपालिका की ओर से सोमवार को पांचवीं बार बुलाई गई बजट बैठक में भी पार्षदों ने एक बार फिर शहर के विकास कार्यों को लटका दिया है। पार्षदों ने बजट को अस्वीकार कर दिया। इससे नगरपालिका का वार्षिक बजट सिरे नहीं चढ़ पाया। सोमवार को हुई बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन प्रीति खन्ना ने की। बैठक में वाइस चेयरमैन जोगिंदर नंदा, पार्षद विजय, गौरव शर्मा, अजय गुप्ता, सतपाल, नीरू बाला, पिंकी, बीरपाल, जसविंद्र, सुमन रानी सहित 11 पार्षद मौजूद थे।
बैठक शुरू होते ही पार्षद विजय कुमार, धीरज, अजय गुप्ता व अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। कूड़ा उठान वाले कर्मचारी आए दिन हड़ताल पर चले जाते हैं। बजट पास न होने के बावजूद नगरपालिका कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। बार-बार कहने के बावजूद पार्षदों की छोटी समस्याओं का भी समाधान नहीं किया जा रहा है। नगरपालिका अधिकारियों से पार्षदों द्वारा पिछले तीन सालों का आय-व्यय का ब्योरा मांगा गया था, वह पार्षदों को अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे पार्षदों में रोष है और इसी कारण उन्होंने बैठक का विरोध करते हुए बजट को अस्वीकार कर दिया। पार्षदों ने कहा कि जब तक नगरपालिका अधिकारियों द्वारा पार्षदों को पूरा मान सम्मान नहीं दिया जाएगा, तब तक बजट को स्वीकार नहीं करेंगे।
नगरपालिका सचिव दीपक कुमार ने बताया कि बजट बैठक पांचवीं बार भी पूर्ण नहीं हो सकी। इसके चलते नगरपालिका को कर्मचारियों को वेतन देने और शहर के विकास के कामों को सिरे चढ़ाने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
करीब 20 करोड़ का है बजट
नगरपालिका प्रशासन द्वारा करीब 20 करोड़ रुपये का बजट पास किया जाना है। इसमें करीब छह करोड़ रुपये कर्मचारियों का वेतन, 5 करोड़ के विकास कार्य, करीब 4 करोड़ के मरम्मत सहित अन्य कार्यों का प्रावधान किया गया है।
चार बार पहले भी अधूरी रही है बजट बैठक
इससे पहले भी 7 अप्रैल को कोरम पूरा नहीं होने के चलते जबकि 18 अप्रैल, 17 मई व 15 जून को पार्षदों द्वारा बजट को अस्वीकार किए जाने के चलते चार बार नगरपालिका का बजट पास नहीं हो पाया है।