रतिया। गांव नागपुर में रविवार को ईंट भट्ठे के पास मिले दीपक के शव मामले में पुलिस ने मंगलवार को गांव निवासी पिता-पुत्र बलबीर सिंह और रवि को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दीपक की मौत नशे की ओवरडोज से हुई थी। इसके बाद आरोपियों ने शव को बैलगाड़ी में डालकर ईंट भट्ठे के पास फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू वेटर का काम करता था। 11 अक्तूबर की दोपहर घर से निकला था लेकिन रात को लौटा नहीं। 12 अक्तूबर को गांव के ईंट भट्ठे के पास उसका शव पड़ा मिला। शुरुआती जांच में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज में बलबीर सिंह को रात के समय बैलगाड़ी ले जाते देखा गया, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जब बलबीर से गहन पूछताछ की गई तो उसने बेटे रवि के साथ मिलकर नशे से माैत के बाद शव को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की।
बलबीर सिंह ने बताया कि दीपक और रवि ने शनिवार शाम साथ बैठकर नशा किया था। इसी दौरान दीपक को ओवरडोज हो गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद रवि और उसके पिता बलबीर सिंह घबरा गए और उन्होंने मामले को छिपाने के लिए शव को बैलगाड़ी में डालकर ईंट भट्ठे पर फेंक दिया। सदर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि बलबीर सिंह और उसके पुत्र रवि को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।