स्वच्छता क्षेत्र से जिले के लिए खुशखबरी आई है। जिले के टोहाना और फतेहाबाद शहर ने स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में बड़ी उछाल लगाते हुए प्रदेशभर में क्रमश: 26वें व 27वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल के सर्वेक्षण में टोहाना 329 तो फतेहाबाद 177वें स्थान पर आया था। पिछले साल के मुकाबले शानदार प्रदर्शन करने पर नगर परिषद प्रशासन उत्साहित है और अगले सर्वेक्षण में 50 हजार से एक लाख आबादी वाली इसी कैटेगरी में टॉप टेन में आने को लक्ष्य घोषित कर दिया है। हालांकि पचास हजार से एक लाख की आबादी वाली कैटेगरी में पिछले साल फतेहाबाद ने प्रदेशभर में दूसरा स्थान हासिल किया था लेकिन इस बार ये टॉप टेन में ही शामिल हो सका है। स्वच्छता सर्वेक्षण में फतेहाबाद के लिए सकारात्मक पहलु ये रहा है कि पिछले तीन सालों में पूरे जिले में केवल फतेहाबाद शहर ही एकमात्र नगर निकाय रहा जिसने लगातार अपनी रैंकिंग को सुधारा है।
प्रत्येक नगर निकाय ने पिछले सालों के मुकाबले सुधारी रैंकिंग
नगर निकाय साल 2018 साल 2019 साल 2020
फतेहाबाद 191 177 27
टोहाना 289 329 26
रतिया 612 984 137
भूना 175 391 105
फिर एक बार अखरी कचरा प्रबंधन प्लांट की कमी, टॉप टेन में आने का मौका गंवाया
नगर परिषद के स्वच्छ भारत मिशन के सूत्रों की मानें तो इस बार फतेहाबाद की रैंकिंग को कचरा प्रबंधन प्लांट के अभाव ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कचरा प्रबंधन प्लांट के सीधे एक हजार नंबर होते हैं, जो फतेहाबाद के कट गए हैं। अगर ये एक हजार नंबर जुड़ जाते तो फतेहाबाद ओवरऑल रैंकिंग में प्रदेश के टॉप टेन में शुमार हो सकता था। पिछले एक साल में कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए तीन बार टेंडर कॉल करके रद्द किया जा चुका है। अभी भी ये कहा जा रहा है कि अगले सोमवार या मंगलवार तक एक बार फिर कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर कॉल किए जाएंगे। अगर अधिकारी इसे गंभीरता और प्राथमिकता से लेते हुए कचरा प्रबंधन प्लांट को एक साल में शुरू करवा देते हैं तो अगले साल फतेहाबाद का टॉप टेन में आने का सपना भी पूरा हो सकता है।
नगर पालिकाओं ने भी रिकार्ड मार्जिन से सुधारी रैंकिंग, भूना में 200 अंकों का सुधार
फतेहाबाद जिले में टोहाना और फतेहाबाद नगर परिषद हैं जबकि भूना, रतिया एवं जाखल में नगर पालिका है। पिछले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में भूना और रतिया नपा का प्रदर्शन शर्मनाक था लेकिन इस बार भूना नगर पालिका की रैकिंग काफी बेहतर हुई है। साल 2019 में भूना की स्वच्छता रैंकिंग जहां 391 थी, जो अब बेहतर होकर 105 पर पहुंच गई है। इसी तरह रतिया नगर पालिका की रैकिंग पिछले साल 612 थी। यहां की इस बार की रैंकिंग 137 हो गई है।
इन वजहों से सुधरी फतेहाबाद की रैंकिंग
-स्वच्छ भारत मिशन की टीम का नियमित चेक
- कचरा कलेक्शन के लिए टाटा ऐस गाडिय़ों का प्रयोग शुरू होना
- शहर के शौचालयों की सुधरी हालत और ओडीएफ प्लस का तमगा मिलना
-शहर की नियमित सफाई सही तरीके से और समय से होना
-शहर से अधिकतर कचरा कलेक्शन प्वाइंट्स का खत्म होना
इन कारणों से हैं अगले साल टॉप टेन में आने के चांस
-नगर परिषद प्रशासन ने नाइट स्वीपिंग के लिए पूरे किए इंतजाम
- कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर जारी होते ही सीधा एक हजार अंक का होगा फायदा
- सफाई के लिए 50 हाथ रेहड़ियां व 70 रिक्शा रेहड़ी की खरीद का काम पूरा
‘केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छता रैंकिंग जारी कर दी गई है। फतेहाबाद शहर की रैंकिंग 27वें नंबर पर आई है जबकि पिछले साल ये 177 पर थी। कचरा प्रबंधन प्लांट के टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर रहे हैं। ये प्रक्रिया अगले साल तक पूरी होने के बाद एक हजार अंकों का सीधा फायदा होगा, जिससे फतेहाबाद के टॉप टेन में आने के चांस बहुत बढ़ जाएंगे। ’
-जितेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
‘इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नप प्रशासन ने पूरी गंभीरता से चीजों को प्लानिंग के तहत किया, जिसका फायदा शहर की रैंकिंग में साफ तौर पर देखा जा सकता है। नगर परिषद अधिकारियों, प्रधान व पार्षदों व कर्मचारियों ने मिलजुल कर सभी शर्तों को पूरा करवाया जिसके बाद ही इतने अच्छे परिणाम आए हैं। अगली बार और बेहतर करने का प्रयास करेंगे ताकि टॉप टेन में जगह बना सकें।’
-कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद ।