नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
- फोटो : Amit Dwivedi
लाइसेंस बनवाने वालों के लिए खुशखबरी है। अगर आपकी उम्र 18 से 50 के बीच है तो लाइसेंस बनवाने के लिए आपको मेडिकल टेस्ट पास करने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस एक कलर ब्लाइंडनेस टेस्ट देना होगा और आपका लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पूरी होगी। हां, पचास साल से अधिक उम्र होने पर आपको मेडिकल टेस्ट देना अनिवार्य होगा। इतना ही कलर ब्लाइंडनेस टेस्ट भी अब बकायदा ऑनलाइन टेस्ट के रूप में कंप्यूटर पर ही लिया जाएगा। फतेहाबाद जिले में रोजाना औसतन 150 के करीब लोग लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचते हैं। इसमें लर्निंग, लाइट और हैवी लाइसेंस शामिल हैं।
पहले मेडिकल टेस्ट में लगता था लंबा समय
पुरानी व्यवस्था में आवेदकों को ई-दिशा में ही मौजूद चिकित्सक के पास जाकर अपना पूरा मेडिकल करवाना पड़ता था, लेकिन कई बार लंबी-लंबी लाइनों और कई बार चिकित्सक की गैर मौजूदगी के चलते आवेदकों को बार-बार ई-दिशा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में अब ये सब झंझट नहीं होगा। लर्निंग और लाइट लाइसेंस के लिए आवेदकों को जिस समय ऑनलाइन टेस्ट देना होगा, उसी समय एक और टेस्ट भी दिया जाएगा जिसमें सॉफ्टवेयर की मदद से रंगों की पहचान करनी होगी। मेडिकल की जगह पर उन्हें अपनी ओर से एक लिखित हलफनामा ही देना काफी रहेगा कि वो स्वस्थ है। अगर आवेदक इसमें फेल हुआ तो पूरा आवेदन ही रद्द कर दिया जाएगा।
लर्निंग लाइसेंस के लिए घर बैठे भी ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
एसडीएम सतबीर जांगू ने बताया कि सरकार ने एक और सुविधा लोगों को दी है। इस सुविधा के तहत अब लर्निंग लाइसेंस के आवेदन के लिए लोगों को ई-दिशा केंद्र में भी आने की जरूरत नहीं रहेगी। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें उन्हें विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। हालांकि ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए जरूर ई-दिशा केंद्र में आना पड़ेगा।
लाइसेंस बनवाने के लिए अब काफी सुविधाएं सरकार की ओर से दी गई हैं। अब आवेदकों को मेडिकल टेस्ट देने की जरूरत नहीं है। वे सिर्फ हलफनामा देकर ही काम चला सकते हैं। कलर ब्लाइंनेस टेस्ट देना है।
सतबीर जांगू, एसडीएम, फतेहाबाद ।