जिले में नवचयनित जेबीटी अध्यापकों की खुशी पर प्रदेश सरकार ग्रहण लगाने की तैयारी में है। शनिवार को जिन जेबीटी अध्यापकों ने अपने दस्तावेज वेरिफाई करवाए हैं, उन्हें फिलहाल स्कूल अलाट करने पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी है। इस बाबत आवश्यक आदेश शिक्षा विभाग के पास पहुंच गए हैं। खुद उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। इतना ही नहीं, नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को मिलने वाली कई और राहतों पर भी प्रदेश सरकार ने ब्रेक लगा दिए हैं।
जिले से बाहर भी भेजे जा सकते हैं नवचयनित जेबीटी, सरकार दोबारा अलाट करेगी जिले
शिक्षा विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को जिले से बाहर का स्टेशन भी अलाट कर सकती है। शिक्षा विभाग के अधिकरियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एसएस बोर्ड ने अपने स्तर पर ही जेबीटी अध्यापकों को जिले अलाट कर दिए हैं। इसका नुकसान ये हुआ है कि फतेहाबाद जैसे जिले में जेबीटी अध्यापक काफी अधिक संख्या में सरप्लस हो गए हैं। लेकिन दूसरी ओर कई ऐसे जिले भी हैं जिनमें जेबीटी अध्यापकों की ज्वाइनिंग के बावजूद सैकड़ों सीटें खाली हैं। अकेले फतेहाबाद में ही पांच सौ के करीब सरप्लस जेबीटी अध्यापक हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि प्रदेश सरकार एक बार फिर से नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को जिले अलाट कर दे।
जेबीटी अध्यापकों को सैलरी पर भी संशय
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को दस्तावेज वेरिफाई करवाने वाले अध्यापकों को ज्वाइनिंग के बावजूद सैलरी के लिए काफी इंतजार करना पड़ सकता है। मिली जानकारी के अनुसार सरकार इन सरप्लस जेबीटी अध्यापकों पर जब तक स्थिति साफ नहीं करती, तब शिक्षा विभाग इन अध्यापकों की सैलरी जारी नहीं कर पाएगा। खुद शिक्षा विभाग के अधिकारी सैलरी जारी होने को लेकर बहुत ज्यादा विश्वस्त नजर नहीं आ रहे। डिप्टी डीईओ दयानंद सिहाग के मुताबिक इस बारे में सरकार और विभाग के आगामी आदेशों के अनुसार काम किया जाएगा।
फतेहाबाद जिले में हैं 583 नवचयनित जेबीटी, स्कूलों में सीटें महज 60
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट से रोक हटने के बाद फतेहाबाद जिले में कुल 583 नवचयनित जेबीटी अध्यापक हैं, लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों में महज 60 के करीब सीटें ही रिक्त हैं। ऐसे में अकेले फतेहाबाद जिले में ही तकरीबन सवा पांच सौ के करीब जेबीटी अध्यापक सरप्लस हैं। ऐसे में इन सरप्लस जेबीटी अध्यापकों के सिर पर दूसरे जिले में जाने की तलवार भी लटकनी तय है।
नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को स्कूल अलाट नहीं करने के निर्देश मिले हैं। सरप्लस टीचरों के मुद्दे पर सरकार और विभाग के निर्देशों का इंतजार है। सरकार से स्थिति साफ होने के बाद ही अगले कदम के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।’
दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।