चिल्ली के सौंदर्यीकरण के रास्ते में फिर एक बार पेंच अड़ गया है। चिल्ली के ऊपर बनाए गए हेरिटेज पार्क को बाईपास से जोड़ने के लिए नगर परिषद की चिल्ली के किनारे खेतों में एक सड़क बनाने की योजना थी। इस सड़क के लिए आसपास के खेतों के किसान भी खुशी-खुशी अपनी जमीन देने को तैयार हो गए हैं लेकिन जमीन नगर परिषद के नाम करने में लगने वाली स्टांप ड्यूटी को लेकर दोनों पक्षों में पेंच फंस गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को लाभ मिलने की आड़ में एक दूसरे को ही स्टांप ड्यूटी भरने को कह रहे हैं। दिक्कत ये है कि इस मामले में स्टांप ड्यूटी माफ करने की नगर परिषद की याचिका को जिला राजस्व अधिकारी ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि स्थानीय निकाय में स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ नहीं हो सकती, सरकार के कहने पर इसे आधा किया जा सकता है।
इस सड़क निर्माण में किसान ईस्सर सिंह, हरनाम सिंह, राज कौर, शेर सिंह, दया सिंह व हरभजन सिंह की 6 कनाल 16 मरला बुटा सिंह आदि की 6 कनाल व कुछ जमीन रमेश सचदेवा आदि की कॉलोनी की जमीन आती है। इन किसानों ने नगर परिषद को लिखित में दिया है कि वह नि:शुल्क जमीन देने को तैयार है। इस बाबत उन्होंने एक रफ रजिस्ट्री भी नगर परिषद को बनवा कर दी है, लेकिन अब सवाल यह है कि रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी कौन भरे। नि:शुल्क जमीन देने वाले किसानों व कॉलोनाइजरों का कहना है कि स्टांप ड्यूटी तो खरीदार नगर परिषद को ही भरनी होगी। वहीं नगर परिषद चाहती है कि किसानों की जमीन की कीमतें बहुत बढ़ जाएगी। इसलिए स्टांप शुल्क भी वहीं भर दें।
चिल्ली के ऊपर बनाया गया हेरिटेज पार्क, चिल्ली के भी झील बनने की संभावनाएं प्रबल
नगर परिषद ने पुरानी पुलिस लाइन की जगह पर हेरिटेज पार्क का निर्माण करवाया है। इससे नगर परिषद प्रशासन की इस मामले में गंभीरता साफ तौर पर दिखती है। इस पार्क के साथ दिक्कत बस यह है कि इस पार्क की ओर आने के लिए पुरानी तहसील रोड ही एकमात्र रास्ता है, जो काफी संकरा है। चार पहिया वाहनों को यहां आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नगर परिषद ने इसका समाधान ये निकाला कि इस पार्क के बिल्कुल सामने से बाईपास गुजर रहा है। अगर खेतों के बीच से एक सड़क सीधा बाईपास को जुड़ जाए तो इस पार्क और चिल्ली की कनेक्टविटी शहर के बाहर तक हो जाएगी। आगे जाकर पर्यटन के लिहाज से ये रास्ता काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। इसलिए नगर परिषद यहां पर सड़क बनाने को लेकर उत्सुक है।
हम भी बाईपास से चिल्ली झील और पार्क की कनेक्टविटी चाहते हैं, इसलिए ही सड़क निर्माण का प्रस्ताव लेकर आए। इस सड़क के बनने से किसानों की जमीन के दाम आसमान पर पहुंच जाएंगे। इससे उन्हें फायदा ही है, ऐसे में उन्हें आगे आना चाहिए और स्टांप डयूटी भी भरनी चाहिए।
ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद ।