हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बृहस्पतिवार को फतेहाबाद की अनाज मंडी में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी प्रह्लाद सिंह गिल्लांख्ेाड़ा के समर्थन में एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस रैली में उमड़ी भारी भीड़ से खुश हुड्डा ने कहा कि गिल्लांखेड़ा़ पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से विजयी होंगे।
उन्होंने कहा कि यह भीड़ ही दर्शा रही है कि गिल्लांखेड़ा विधानसभा में पहुंच चुके हैं। मतदाता जितने ज्यादा वोटों से गिल्लांखेड़ा को जिताकर भेजेंगे उतनी ही बड़ी पावर लोगों को मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मतगणना तो 19 अक्तूबर को होनी है लेकिन भीड़ और लोगों का उत्साह यह बता रहा है कि मतदाताआें ने यह मन बना लिया है कि गिल्लांखेड़ा फतेहाबाद हलका से चुनाव जीत चुके है। रैली के सभी वक्ताआें ने कार्यकर्ताओं के जोश देखते हुए गिल्लांखेड़ा को जीत की अग्रिम बधाई भी दे दी।
उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की गिनती आज देश भर में पहले स्थान पर होती है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 35 हजार रुपये है जो देशभर में सबसे ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां बुजुर्गों के सम्मान के लिए एक हजार रुपये सम्मान भत्ता दिया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा में लगभग एक करोड़ 26 लाख लोगों को दो रुपये किलो गेहूं, 3 रुपये किलो चावल वितरित किया जा रहा है।
हुड्डा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बासमती के चावल के भाव मेें गिरावट आई यह अजीब सिस्टम है कि धान सस्ता है और चावल महंगा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है। भाजपा की नीति कभी भी किसान और मजदूर के हित की नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा के चुनाव में देश में इस प्रकार का माहौल बना दिया गया था कि अगर एक व्यक्ति को सत्ता मिल जाएगी तो उसके हाथ में जादू की छड़ी होगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा। आज प्रदेश की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है कि किस प्रकार से भाजपा के लोगों ने उन्हें बरगलाकर धोखा देने का कार्य किया है।
भाजपा ने चुनाव में कहा था कि केंद्र में उनकी सरकार बनेगी तो डीजल के भाव 40 रुपये प्रति लीटर, दूध के भाव बीस रुपये प्रति लीटर कर दिए जाएंगे। जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई तब से रेल किराया बढ़ाया गया, डीजल के दाम में पांच बार बढ़ोतरी की गई और महंगाई आसमान को छू रही है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में ओम प्रकाश चौटाला मुख्यमंत्री थे तब अपने हकों के लिए आंदोलन कर रहे किसानों पर गोलियां दागी गई थीं जिसे आज भी प्रदेश के लोग भूले नहीं है। उन्होंने इनेलो पर कटाक्ष किया कि लोकसभा के चुनाव में चौटाला की पार्टी ने मोदी के नाम पर वोट मांगा और समर्थन देने के लिए उनके पीछे-पीछे भागते रहे।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रह्लाद सिंह गिल्लांखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से उन्होंने हलके में 1100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के विकास कार्य कराकर इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री का अहसान उतारने के लिए फतेहाबाद से मुझे और हरियाणा में तीसरी बार विजयी बनाना जरूरी है।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्तरा, प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, पूर्व जिला प्रधान सरदार रणधीर सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि अरविंद शर्मा, ब्लॉक प्रधान बलजीत आदि अनेक लोग मौजूद थे।
पूरे दिन रहा हाईवे जाम, लोग बेहाल
बृहस्पतिवार को फतेहाबाद के बीच स्थित नेशनल हाईवे नंबर 10 पर पूरा दिन जाम रहा। वजह थी, सभी प्रमुख प्रत्याशियों के कार्यालयों का उद्घाटन और नामांकन दाखिल करना।
जिस कारण हाईवे पर गाड़ियां खड़ी कर दी गईं और सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक जाम ही जाम रहा। लोगाें को अपने आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी हुई। इस सबके बीच यातायात पुलिस असहाय सी नजर आ रही थी।
बृहस्पतिवार सुबह नेशनल हाईवे पर श्रीदुर्गा मंदिर के बिल्कुल सामने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी स्वतंत्र चौधरी के कार्यालय का उद्घाटन था जहां पर केंद्रीय मंत्री पहुंचे हुए थे। उसके 20 फुट दूर ही माकपा कार्यालय का उद्घाटन था। उससे 100 मीटर की दूरी पर ही कांग्रेस के प्रह्लाद सिंह गिल्लांखेड़ा का कार्यालय है।
तीनों के आज ही उद्घाटन हुए। नेताओं द्वारा नामांकन भरने से पहले शक्ति प्रदर्शन करने के लिए शहर से जलूस निकाला गया। हाईवे पर जैसे ही जलूस निकले तो पूरा हाईवे जाम हो गया। दोपहर बाद सीएम का कार्यक्रम था।
अनाज मंडी में जनसभा को संबोधित करने के बाद सीएम ने भी खुली कार में शहर में लोगों से वोटों की अपील की। उनके साथ भी काफी वाहन थे जिस कारण हाईवे फिर जाम रहा।
हालांकि सीएम के जलूस के समय हाईवे पर यातायात दोनों तरफ से रोक दिया गया था। बृहस्पतिवार को शहरवासी पूरा दिन शोरगुल और जाम को झेलते रहे।
सीएम से की मुलाकात, मिला आश्वासन
मुआवजे को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, सीएम ने उन्हें मामले को जल्द निपटाने का आश्वासन दिया है। इससे पहले धरने पर बैठे किसानों के विरोध प्रदर्शन से बचने के लिए प्रशासन को धरना स्थल पर लगाए काले झंडे हटवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
गुप्तचर विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलवाने के आश्वासन के बाद काले झंडे हटवाए। उसी समय नामांकन दाखिल करवाने के लिए आए केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान को किसानों के गुस्से का शिकार होना पड़ा और किसानों ने मंत्री की गाड़ी को धरनास्थल के आगे खड़ा नहीं होने दिया।
लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बाल्यान को आना था और ऐसे में मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर एक महीने से बैठे किसानों ने धरनास्थल पर सुबह से काले झंडे लगा रखे थे।
जिस पर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और प्रशासन को डर था कि कहीं किसान सीएम को काले झंडे न दिखा दें। जिसके बाद गुप्तचर विभाग हरकत में आया और किसान संघर्ष कमेटी प्रधान महेश नागपाल को सीएम से मिलाने का आश्वासन दिया और झंडे हटाने के लिए कहा।
जिसके बाद महेश नागपाल ने स्वयं धरना स्थल पर लगे काले झंडों को हटा दिया। इसी समय जब केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री संजीव सुबह से और भाजपा नेताओं की गाड़ी आकर रुकी तो किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और गाड़ियां हटाने की मांग करने लगे।
जब 10 मिनट तक भाजपा नेताओं ने अपनी गाड़ियां धरनास्थल के आगे से नहीं हटाई तो किसानों ने स्वयं धक्का मारकर गाड़ियों को हटा दिया।
किसान संघर्ष कमेटी के प्रधान महेश नागपाल, सुरेंद्र सैनी, डॉ. नरसी, रामचंद्र, राकेश नागपाल, सतीश नायक ने पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलकर उन्हें ज्ञापन सैांपा और कहा कि सेक्टर 9, 10, 11 अज्ञैर 11 ए के लिए 2006 में में उनकी जमीन अधिग्रहण की गई थी।
जिसकी मुआवजा राशि कोर्ट ने बढ़ाकर 965 रुपये वर्ग गज की थी। 9 महीने बीतने के बाद जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने शिकायत सुनने के बाद विधायक प्रह्लाद सिंह गिल्लांखेड़ा से बात बात कर मामले के बारे में जानकारी लेने को कहा और मामले को जल्द निपटाने का आश्वासन दिया।